राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों से उम्मीद की जाती है कि वे विकास के मुद्दों व अपनी कल्याणकारी योजनाओं से मतदाताओं को वोट देने के लिए प्रेरित करें, जिससे शांतिपूर्ण व निष्पक्ष चुनाव हो सके। दूसरी ओर मतदाताओं की भी जिम्मेदारी है कि वे मुद्दों के आधार पर मतदान करें। राजनीतिक दलों व प्रत्याशियों को अपने वोट की कीमत तय करने का अधिकार न दें। लेकिन चिंताजनक यह है कि चुनाव के अवैध तरीके से भारी भरकम नकदी के साथ-साथ शराब, नशीले पदार्थों, आभूषण, महंगे उपहार आदि की खेप राजधानी में पहुंच रही है। इससे देश की राजधानी में हो रहे चुनाव में मतदाताओं को रिझाने के लिए सारे हथकंडे अपनाए जा रहे हैं। दूसरी ओर संबंधित एजेंसियां लगातार कार्रवाई कर नकदी, शराब और कीमती सामानों की जब्ती भी कर रही हैं।