अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया पर लिखा कि नई दिल्ली विधानसभा में वोटरों के नाम जोड़ने और काटने के बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी हो रही है। वहीं, सीएम आतिशी ने दावा किया कि नई दिल्ली में समरी रिवीजन के बाद 15 दिसंबर से 02 जनवरी तक 10,500 नए नाम जोड़ने और 6,167 वोट काटने के आवेदन आए हैं। मात्र 84 लोगों ने 4,283 वोट काटने के आवेदन दिए, लेकिन चुनाव आयोग में सुनवाई के दौरान कई आपत्तिकर्ताओं ने कहा कि उन्होंने कोई आवेदन नहीं किया है।
सोमवार को पार्टी मुख्यालय में प्रेस वार्ता कर आतिशी ने कहा कि बाबा साहब अंबेडकर ने देश का संविधान लिखते वक्त हर भारतवासी के लिए एक सपना देखा था कि हम जिसे वोट डालेंगे, उस वोट के अधिकार के आधार पर प्रतिनिधि और सरकारें चुनी जाएंगी। भाजपा उस वोट के अधिकार को छीन रही है। नई दिल्ली विधानसभा में तकरीबन एक लाख वोटर हैं। यहां 15 दिसंबर और 2 जनवरी के बीच में 10,500 वोटर्स को जोड़ने के आवेदन आ गए।
वहीं 29 अक्टूबर और 2 जनवरी के बीच में 6167 वोटर डिलीट करने के आवेदन आए। ये कौन लोग हैं चुनाव आयोग इन्हें ढूंढ नहीं पाया। लेकिन इन 84 लोगों ने वोट काटने के लिए ऐसे हजारों लोग ढूंढ लिए। इन 84 लोगों को नोटिस देकर चुनाव आयोग, ईआरओ ने सुनवाई के लिए बुुलाया।
चुनाव आयोग की संशोधित वोटर लिस्ट स्वागत योग्य-सचदेवा
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने चुनाव आयोग की तरफ से जारी संशोधित वोटर लिस्ट का स्वागत किया है। कहा है कि यह संतोषजनक है। इस बार आम आदमी पार्टी लोकसभा व विधानसभा चुनावों के बीच बड़ी संख्या में नकली फर्जी खासकर रोहिंग्या व बांग्लादेशी वोट बनवाने में कामयाब नहीं हो सकी। 2015 व 2020 के विधानसभा चुनाव से पहले आम आदमी पार्टी ने दस दस लाख नकली वोट जुड़वाए थे पर इस बार वह सफल नहीं हो पाई। वीरेंद्र सचदेवा ने यह भी कहा कि दिल्ली की जागरूक आरडब्ल्यूए व नागरिक संगठनों की नकली वोट बनने से रोकने की सजगता के चलते इस बार लोकसभा व विधानसभा चुनाव के बीच केवल 1,67000 के लगभग नए वोट ही बने है। इसी नकली वोट ना बन पाने से हताश आम आदमी पार्टी नेता खासकर अरविंद केजरीवाल, आतिशी अब चुनाव आयोग व भाजपा पर आरोप मढ़ रहे है। संवैधानिक पद पर रहकर आप के नेताओं को चुनाव आयोग पर किसी तरह का प्रश्न नहीं उठाना चाहिए।
'खुद भुक्तभोगी हूं'
संजय सिंह ने कहा कि खुद इसका भुक्तभोगी हूं। मेरी पत्नी अनीता सिंह का वोट कटवाने के लिए मधू नाम की महिला के नाम से एप्लीकेशन दी गई और जब उनके पास लोग पहुंचे और पूछा तो उन्होंने कहा कि हमें तो इस बारे में कोई जानकारी नहीं है। वहीं सांसद राघव चड्ढा ने कहा कि हम नई दिल्ली विधानसभा क्षेत्र के चुनाव अधिकारियों से लगातार संपर्क में हैं और उनसे संवाद करते आए हैं। पिछले एक हफ्ते के भीतर जो चीजें उजागर हुईं, उन्हें सभी के सामने रखी गईं। नई दिल्ली में सौ फीसदी ऑबजेक्टर वेरिफिकेशन की जरूरत है। लेकिन आरओ ऑफिस, ईआरओ और तमाम अधिकारियों ने हमारी इस मांग को सिरे से खारिज कर दिया है। इसके अलावा चुनाव अधिकारी के दफ्तर में बैठक की मांग रखी। ऐसा नहीं हो सकता तो टेलीफोनिक वेरिफिकेशन करा लीजिए। हमने यह सारे दस्तावेज मुख्य चुनाव आयुक्त को भी एक पत्र के माध्यम से भेजे हैं। हम उम्मीद करते हैं कि उनका कार्यालय इस पर जरूर संझान लेगा और जल्द से जल्द से कार्रवाई करेगा।
चुनाव आयोग ने कहा प्रक्रिया के तहत नाम जोड़े और हटाए जाते हैं
चुनाव आयोग ने कहा कि चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची के लिए नाम प्रक्रिया के तहत जोड़े और हटाए जाते हैं। इसके लिए फॉर्म 6 और फार्म सात होता है। नामों के घटाने और जोड़ने की जानकारी समय-समय पर राजनीति दलों को दी जाती है। चुनाव आयोग ने 8 प्राथमिकी दर्ज की है। इसमें 24 लोगों पर गलत सूचना और जानकारी देकर मतदाता पहचान पत्र बनाने का आरोप है। इसे लेकर चुनाव आयोग ने चुनाव पंजीकरण अधिकारियों से एक एक आवेदन की गहन जांच कराने के आदेश दिए हैं।
हर आवेदन को जांचा गया
चुनाव आयोग ने पाया की 16 दिसंबर से एक माह में 5.10 लाख नए लोगों ने अपना नाम जुड़वाने के लिए आवेदन किया। ऐसा पहली बार हुआ। ऐसा तब हुआ जबकि तय समय में तीन लाख से ज्यादा मतदाता नई सूची में जुड़ चुके थे। क्योंकि ऐसा 20 दिन के भीतर हो रहा था जब आपत्तियां, जांच का समय गुजर चुका था। यह तत्काल जांच का विषय था। सभी चुनाव पंजीकरण अधिकारियों- ईआरओ को जांच के लिए निर्देशित किया गया। हर आवेदन को जांचा गया। संबंधित अधिकारियों को सौ फीसदी सत्यापन के लिए कहा गया है।
चुनाव आयोग की संशोधित वोटर लिस्ट स्वागत योग्य-सचदेवा
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने चुनाव आयोग की तरफ से जारी संशोधित वोटर लिस्ट का स्वागत किया है। कहा है कि यह संतोषजनक है। इस बार आम आदमी पार्टी लोकसभा व विधानसभा चुनावों के बीच बड़ी संख्या में नकली फर्जी खासकर रोहिंग्या व बांग्लादेशी वोट बनवाने में कामयाब नहीं हो सकी। 2015 व 2020 के विधानसभा चुनाव से पहले आम आदमी पार्टी ने दस दस लाख नकली वोट जुड़वाए थे पर इस बार वह सफल नहीं हो पाई। वीरेंद्र सचदेवा ने यह भी कहा कि दिल्ली की जागरूक आरडब्ल्यूए व नागरिक संगठनों की नकली वोट बनने से रोकने की सजगता के चलते इस बार लोकसभा व विधानसभा चुनाव के बीच केवल 1,67000 के लगभग नए वोट ही बने है। इसी नकली वोट ना बन पाने से हताश आम आदमी पार्टी नेता खासकर अरविंद केजरीवाल, आतिशी अब चुनाव आयोग व भाजपा पर आरोप मढ़ रहे है। संवैधानिक पद पर रहकर आप के नेताओं को चुनाव आयोग पर किसी तरह का प्रश्न नहीं उठाना चाहिए।