दिल्ली विधानसभा चुनाव प्रचार के लिए महज दो दिन से भी कम दिन बचे हैं। ऐसे में चुनाव प्रचार भी चरम पर पहुंच गया है। बड़े नेताओं की एंट्री के साथ ही दिल्ली में चुनावी माहौल पूरी तरह बदल गया है। मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी और मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की धुआंधार रैलियों और रोडशो ने प्रचार को चरम पर पहुंचा दिया। तीनों पार्टियों ने एक दूसरे पर संशोधित नागरिकता कानून (सीएए), बेरोजगारी और तुष्टीकरण की राजनीति के मुद्दे पर जमकर हमला बोला।
राहुल ने आप-भाजपा को घेरा
दिल्ली में आठ फरवरी को होने वाले मतदान के लिए पहली बार गांधी परिवार प्रचार के लिए उतरा। वहीं प्रधानमंत्री मोदी ने आम आदमी पार्टी (आप) और कांग्रेस पर हमला करते हुए कहा कि यहां एक ऐसी सरकार चाहिए जो तुष्टिकरण नहीं करे, बल्कि संशोधित नागरिकता कानून (सीएए), अनुच्छेद-370 को खत्म करने और राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दों पर समर्थन करे।
राहुल गांधी ने भाजपा और आप पर समाज में नफरत फैलाने का आरोप लगाया। उन्होंने सरकार पर इंडियन ऑयल, एयर इंडिया, हिंदुस्तान पेट्रोलियम और रेलवे जैसे सार्वजनिक उपक्रमों और लाल किले को बेचने का आरोप लगाया। साथ ही यह भी कहा कि मोदी ताजमहल भी बेच सकते हैं। प्रियंका गांधी ने मोदी पर रोजगार छिनने और शाहीनबाग मुद्दे पर संयोग-प्रयोग वाली टिप्पणी के मुद्दे पर निशाना साधते हुए पूछा कि क्या बेरोजगारी संयोग है या उनका प्रयोग है।
शाहीन बाग पर मोदी-केजरीवाल आमने-सामने
सोमवार को एक रैली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि शाहीन बाग और अन्य इलाके में सीएए विरोधी प्रदर्शन महज संयोग नहीं हैं बल्कि एक प्रयोग और राजनीतिक षड्यंत्र हैं ताकि देश के सौहार्द को नुकसान पहुंचाया जा सके। जबकि केजरीवाल ने कहा कि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह पूरा चुनाव शाहीन बाग प्रदर्शन पर लड़ना चाहते हैं क्योंकि भाजपा के पास कोई मुद्दा नहीं है।
दिल्ली में दो दिन में दूसरी रैली को संबोधित करते हुए मोदी ने सर्जिकल स्ट्राइक और अपनी सरकार की महत्वाकांक्षी आयुष्मान भारत योजना सहित विभिन्न मुद्दों को छुआ। द्वारका में चुनावी सभा को संबोधित करते हुए कहा कि आप उसे सजा दीजिए जिन्होंने सैन्य बलों का अपमान किया। आपकों अपना गुस्सा वोट के जरिए दिखाना है। दिल्ली को ऐसी सरकार नहीं चाहिए जो दुश्मनों को हमपर हमला करने का मौका दे।
हालांकि, सोमवार को कड़कड़डूमा में अपनी पहली रैली की तरह उन्होंने इस रैली के दौरान अपने भाषण में शाहीन बाग और शहर के अन्य स्थानों पर चल रहे संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) विरोधी प्रदर्शनों का कोई जिक्र नहीं किया। करीब एक घंटे तक दिए गए भाषण में मोदी ने कहा कि दिल्ली को ऐसी सरकार की जरूरत है जो तुष्टिकरण का सहारा नहीं ले, बल्कि अनुच्छेद 370 के विशेष प्रावधानों को निरस्त करने और राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दों पर तमाम तरह के फैसलों पर देश का साथ दे।
राहुल का केजरीवाल पर हमला
वही, राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि नरेंद्र मोदी और अरविंद केजरीवाल का रोजगार सृजन से कोई लेना देना नहीं है। वे एक भारतीय को दूसरे भारतीय से लड़ा कर सत्ता में बने रहना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि देश का मौजूदा माहौल, नफरत, हिंसा और महिलाओं पर हमले से भारत को नुकसान पहुंच रहा है और लोगों को इससे फायदा नहीं हो रहा है। जंगपुरा की रैली में उन्होंने कहा कि मोदी और भाजपा को इससे लाभ हो सकता है, लेकिन भारतीयों को नहीं। अगर आप विकास और रोज़गार चाहते हैं, तो आपको लोगों के दिलों से नफरत मिटानी होगी।
उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी और आम आदमी पार्टी का मकसद समाज में नफरत फैलाना है, जो कांग्रेस ने कभी नहीं किया। उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी और केजरीवाल केवल सत्ता के बारे में सोचते हैं और सत्ता में कायम रहने के लिए दो मिनट में कुछ भी घोषित कर सकते हैं।