सूत्रों का कहना है कि आयोग प्रवेश वर्मा को भी नोटिस जारी कर जवाब तलब करेगा। भाजपा के स्टार प्रचारकों से अगर संतोष जनक जवाब नहीं मिलता है तो दिल्ली के विधानसभा चुनाव में इन पर प्रतिबंध लगाया जा सकता है। बताया जा रहा है कि दोनों ही मामले सीधे तौर पर आचार संहिता के उल्लंघन से जुड़े हैं।
हालांकि इनके खिलाफ किस स्तर पर सख्त कार्रवाई हो सकती है? इसका फैसला चुनाव आयोग ही लेगा। इसलिए दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने रिपोर्ट आयोग को सौंप दी है।
दरअसल दिल्ली के विधानसभा चुनाव में भाजपा नेताओं के तीखे बयान लगातार सामने आ रहे हैं। दो दिन पहले ही मॉडल टाउन से भाजपा प्रत्याशी कपिल मिश्रा के बाद रिठाला विधानसभा में भाजपा प्रत्याशी मनीष चौधरी के समर्थन में प्रचार के दौरान केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर ने मंच से देश के गद्दारों को गोली मारो के नारे लगाए।
इसके जवाब में भीड़ भी नारे लगा रही थी, जूते मारो सालों को...। इसके अलावा पश्चिमी दिल्ली सांसद प्रवेश वर्मा के मीडिया में दिए बयान पर चुनाव आयोग ने संज्ञान लिया है। सांसद प्रवेश वर्मा ने शाहीनबाग पर कथित रूप से आपत्तिजनक बयान दिया।