गुरुवार को दिल्ली में भाजपा नेता कपिल मिश्रा के एक ट्वीट से चुनावी पारा चढ़ गया। कपिल ने ट्वीट किया कि 8 फरवरी को दिल्ली की सड़कों पर हिंदुस्तान और पाकिस्तान का मुकाबला होगा। देखते ही देखते यह ट्वीट वायरल हो गया। चुनाव माहौल में यह ट्वीट तुरंत विवाद की वजह बन गया। सभी राजनीतिक दलों ने इसपर प्रतिक्रिया देनी शुरू कर दी। यह ट्वीट अबतक साढ़े आठ हजार से ज्यादा बार रि-ट्वीट किया जा चुका है, जबकि 34 हजार से ज्यादा लोगों ने इसे पसंद किया है।
शुक्रवार सुबह ही चुनाव आयोग ने दिल्ली के मुख्य चुनाव अधिकारी से भाजपा नेता कपिल मिश्रा के ट्वीट पर जवाब मांगा। इसके बाद रिटर्निंग ऑफिसर ने कपिल मिश्रा को नोटिस जारी किया।
नोटिस जारी होने के थोड़ी देर बाद ही कपिल फिर एक बार ट्विटर पर आए और उन्होंने लिखा- 'सच बोलने में डर कैसा सत्य पर अडिग हूं'।
जब कपिल से नोटिस को लेकर पूछा गया तो उन्होंने कहा मुझे कल रात चुनाव आयोग का नोटिस मिला है, मैं आज नोटिस का जवाब दूंगा। मैं मानता हूं कि मैंने कुछ गलत नहीं कहा है। सच बोलना इस देश में गुनाह नहीं है। मैं अपने बयान पर अडिग हूं।
शाहीन बाग में सड़कों पर अतिक्रमण किया हुआ है, लोगों को स्कूल, ऑफिस, अस्पताल जाने से रोका जा रहा है, भड़काऊ नारेबाजी की जा रही है। शाहीन बाग में आतंकी आंदोलन चलाया जा रहा है। जिस बेशर्मी के साथ मनीष सिसोदिया ये कह रहे हैं कि वो शाहीन बाग के साथ खड़े हैं, उससे पता चलता है कि यह एक राजनीतिक आंदोलन है।
दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने चुनाव आयोग से कपिल मिश्रा के ट्वीट को हटाने की प्रक्रिया शुरू करने का अनुरोध किया है। चुनाव आयोग ने ट्विटर से कपिल मिश्रा के ट्वीट को हटाने के लिए कहा है।
इसके बाद भाजपा नेता कपिल मिश्रा ने चुनाव आयोग के नोटिस का लिखित जवाब दिया। उन्होंने ट्विटर पर इसकी फोटो भी शेयर की।
उन्होंने अपने जवाब में कहा कि मैंने जो बयान दिया उसमें किसी पर निशाना नहीं साधा। मेरा ट्वीट दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के बयान का जवाब था, जो उन्होंने शाहीन बाग के प्रदर्शनकारियों के पक्ष में दिया था।
कपिल ने कहा कि मेरा बयान किसी राजनीतिक रैली में नहीं दिया गया, यह सिर्फ एक राय है। जिससे आचार संहिता का उल्लंघन नहीं होता है। उन्होंने कहा कि मनीष सिसोदिया ने शाहीन बाग के प्रदर्शनकारियों का समर्थन किया है, इस प्रदर्शन में महिलाओं को आगे रखा गया है। साथ ही नागरिकता संशोधन अधिनियम के खिलाफ माहौल बनाया जा रहा है।
कपिल मिश्रा के इस ट्वीट पर भाजपा के किसी नेता की कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। जबकि आम आदमी पार्टी और कांग्रेस ने इस मुद्दे को जमकर भुनाने की कोशिश की है। अब देखने वाली बात यह होगी कि कपिल के जवाब के बाद अब चुनाव आयोग इसपर आगे क्या कार्रवाई करता है।