अरोड़ा ने बताया कि चुनाव को लेकर राज्य चुनाव आयोग और पुलिस के साथ बैठक की गई थी। वोटरों को पोलिंग बूथ पर आने के लिए पिक अप-ड्रॉप मिलेगा। इसकी जानकारी वेबसाइट पर डाल दी जाएगी और एक नंबर भी जारी किया जाएगा।
मुख्य चुनाव आयुक्त ने बताया कि चुनाव के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। उन्होंने यह भी कहा कि स्थिति पर निगरानी रखने के लिए मीडिया मॉनिटरिंग सेंटर बनाए गए हैं। इस बार सभी विधानसभाओं में मॉडल मतदान केंद्र होंगे। लोकसभा चुनाव के मुकाबले इस बार 3 लाख 75 हजार मतदाता अधिक हैं।
ये सुविधाएं....
प्रत्याशियों को ऑनलाइन नामांकन की सुविधा
उम्मीदवारों को ऑनलाइन नामाकंन दाखिल करने की सुविधा दी जाएगी। इसके लिए कार्यशाला आयोजित कर सभी राजनीतिक दलों को प्रशिक्षित किया जाएगा। हालांकि ऑनलाइन पर्चा भरने के बाद उसका प्रिंट आउट लेकर चुनाव अधिकारी के कार्यालय में जमा कराना अनिवार्य होगा।
80 साल से ऊपर के बुजुर्ग कर सकेंगे पोस्टल बैलेट से मतदान
80 साल और इससे ऊपर के बुजुर्गों और दिव्यांग मतदाताओं को मतदान केंद्रों पर जाने की जरूरत नहीं होगी। इन मतदाताओं की सुविधा के लिए चुनाव आयोग पोस्टल बैलेट से मतदान कराएगा। मुख्य चुनाव आयुक्त ने बताया कि इस चुनाव में अनुपस्थित मतदाताओं के लिए यह प्रणाली शुरू की गई है। इसके तहत वे मतदाता, जो शारीरिक दिक्कतों या अन्य अपरिहार्य कारणों के चलते मतदान केंद्रों पर नहीं पहुंच सकते हैं वे भी अपना वोट दे सकेंगे।
घर बैठे जानेंगे...मतदान केंद्र पर कितनी लंबी लाइन
खास बात यह है कि दिल्ली के 1.46 करोड़ मतदाता चुनाव में घर बैठे यह जान सकेंगे कि उनके नजदीकी मतदान केंद्र पर कितनी लंबी लाइन है और अब तक कितने लोगों ने मतदान किया है।
इस बार मतदान केंद्र के अंदर मोबाइल ले जा सकेंगे। यह सुविधा इसलिए भी शुरू की गई, क्योंकि चुनाव में पहली बार क्यूआर कोड वाले वोटर स्लिप का प्रयोग हो रहा है। ऐसे कर सकेंगे इस्तेमाल: चुनाव आयोग मतदान से पहले मतदाता पर्ची भेजेगा। उसमें एक क्यूआरकोड होगा। इसे चुनावकर्मी स्कैन करके आपको मतदान के लिए प्रवेश देंगे।
अगर आप वह पर्ची लेकर नहीं पहुंचे हैं तो अपने मोबाइल पर वोटर हेल्पलाइन ऐप से डिजिटल क्यूआर कोड वाली मतदाता पर्ची जेनरेट करना होगा। मतदान केंद्र पर बूथ लेवल ऑफिसर आपकी पर्ची स्कैन कर एक नंबर देंगे। इसके बाद मतदान करने जा सकेंगे। हालांकि, इससे पहले मोबाइल जमा कराना होगा।
मोबाइल लॉकर: चुनाव आयोग मतदान केंद्र के अंदर ही मोबाइल लॉकर की सुविधा उपलब्ध कराएगा। वोट डालने से पहले मोबाइल मतदान केंद्र के अंदर बने लॉकर में जमा करना होगा। मतदान के बाद मोबाइल ले सकेंगे।
ये भी सुविधाएं:
-मांग करने पर दिव्यांग व बुजुर्ग मतदाताओं को घर से मतदान केंद्र तक लाने के लिए वाहन की सुविधा दी जाएगी।
-वोट डालने से पहले लॉकर में मोबाइल जमा कराने की सुविधा दी जाएगी।
-वेंटिग एरिया में बैठने के लिए सोफे लगाए जाएंगे।
-हर बूथ पर पीने के लिए वाटर डिस्पेंसर की सुविधा।
-चुनावकर्मियों व मतदाताओं के बच्चों के लिए क्रेच या प्ले एरिया होगा।
कुल सीटें: 70
58 सामान्य, 12 अनुसूचित जाति की सीटें
कुल पोलिंग बूथ: 13,750
वोटिंग स्थल: 2,689
चुनाव कर्मी: 90 हजार
कुल कितने और कैसे वोटर
कुल वोटर:1,46,92136
पुरुष वोटर: 8,05,5686
महिला वोटर: 66,35635
थर्ड जेंडर: 815
एनआरआई वोटर: 489
सर्विस वोटर: 11,556
70 सदस्यीय विधानसभा चुनाव 2015
आप: 67
वोट शेयर: 54.34 फीसदी
भाजपा: 03
वोट शेयर: 32.19 फीसदी
कांग्रेस: 00
वोट शेयर: 9.65 फीसदी
लोकसभा चुनाव 2019
सात सीटें
भाजपा: 7
वोट शेयर: 56.86 फीसदी
कांग्रेस: 00
वोट शेयर: 22.63 फीसदी
आप: 00
वोट शेयर: 18.2 फीसदी
काम किया है तो हमें वोट देना
ये चुनाव दिल्ली सरकार के काम पर होगा। वोट स्कूलों, अस्पतालों के नाम पर सकारात्मक तौर पर पडे़गा, लोग खुशी से वोट देंगे। भारत के इतिहास में पहली बार लोग काम की तुलना करेंगे। अगर काम किया है, तो वोट देना, अगर नहीं किया है तो वोट मत देना। 5 साल का कामकाज लेकर सबके घर जाएंगे। स्कूल अच्छे किए जिसमें आप, कांग्रेस, भाजपा सबके बच्चे पढ़ते हैं।-अरविंद केजरीवाल, सीएम दिल्ली
आप ने पांच साल तक गुमराह किया
60 महीनों में आप सरकार ने सिर्फ वादे किए और अब 3 माह में जनता के विकास के पैसे को अपने विज्ञापनों पर खर्च किया। दिल्ली के लोग आज भी मुफ्त वाईफाई, 15 लाख सीसीटीवी कैमरे, नए कॉलेज और अस्पतालों की राह देख रहें हैं। जनता पांच साल तक गुमराह करने वालों को हराकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में दिल्ली की आकांक्षाओं को पूर्ण करने वाली सरकार चुनेगी।- अमित शाह, गृह मंत्री