अपने 15 विधायकों का टिकट काटने के दूसरे दिन आम आदमी पार्टी (आप) स्थिति नियंत्रण करने में जुट गई। बुधवार दिनभर सांसद संजय सिंह नाराज विधायकों की मान-मनव्वल करते रहे। इस दौरान विधायकों से कहा गया कि आगे उनको आप समेत दिल्ली में बनने वाली सरकार में अलग-अलग तरह की जिम्मेदारी दी जाएगी। बावजूद इसके सूत्रों का कहना है कि कई विधायक कांग्रेस व भाजपा के संपर्क में हैं। विपक्षी दलों से भरोसा मिलने के बाद वह पार्टी बदल भी सकते हैं।
टिकट कटने से नाराज विधायकों को समझाने-बुझाने का जिम्मा सांसद संजय सिंह ने संभाल रखा है। बुधवार दिनभर संजय सिंह ने विधायकों से बात करके उनको समझाने, उनकी बात सुनकर गुस्सा कम करने व पार्टी के नाम पर चुनावी जिम्मेदारी संभालने की बात कही। इससे कुछ विधायकों की नाराजगी कम हुई, जबकि कई विधायक चुनाव में उतरने की चेतावनी देते रहे।
खास बात यह कि बुधवार दोपहर बाद संजय सिंह मीडिया के सामने दो विधायकों के साथ आए। दोनों विधायकों मुंडका के सुखबीर दलाल और दिल्ली कैंट के कमांडो सुरेंद्र सिंह का टिकट गया है। इसके जरिये पार्टी ने यह दिखाने की कोशिश की कि सब-कुछ ठीक चल रहा है। टिकट काटने के सवाल पर संजय सिंह ने कहा कि पार्टी के आंतरिक सर्वे के आधार पर टिकट काटे गए हैं। जिन विधायकों का टिकट कटा है, उनको संगठन या सरकार में जिम्मेदारी दी जाएगी।
दिल्ली चुनाव प्रभारी संजय सिंह ने माना कि जिसका भी टिकट कटता है वह आहत होता है, लेकिन पार्टी को पता है कि वह अपने परिवार के लोग हैं। इनको मनाने, समझाने बुझाने व उनकी शिकवा-शिकायतों को पार्टी पूरी तरह सुनेगी। विधायक भी जानते हैं कि उनको आप से टिकट मिला था, वह विधायक बने। अब ऐसा भी नहीं है कि टिकट कटने से उनका पार्टी से मोहभंग हो जाएगा।
कोशिश के बाद भी नहीं मान रहे कई विधायक
पार्टी बेशक अपने विधायकों को समझाने-बुझाने की कोशिश कर रही है, लेकिन कई विधायक बात मानने को तैयार नहीं हैं। बदरपुर से विधायक एनडी शर्मा ने खुलेआम मोर्चा खोल रखा है, जबकि दूसरे कई विधायक भी मौके की ताक में हैं। सूत्र बताते हैं कि भाजपा व कांग्रेस नाराज विधायकों से संपर्क कर रही है। आने वाले दिनों में पार्टी बदला भी संभव है।