दिल्ली के शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक को कोरोना माहमारी के कारण नीट-जेईई परीक्षाओं को स्थगित करने के लिए पत्र लिखकर अनुरोध किया है।
सिसोदिया का कहना है कि परीक्षा लेने की पुरानी व्यवस्था पर चिपके रहना रुढ़िवादी और संकुचित सोच है। केंद्र सरकार को बिना समय गंवाए परीक्षा के संबंध में फैसला लेना चाहिए। नीट-जेईई परीक्षा कराने पर आपत्ति जताते हुए उन्होंने कहा है कि केंद्र सरकार को या तो परीक्षा स्थगित करनी चाहिए या फिर इसके लिए अन्य विकल्प तलाशने चाहिए।
मनीष सिसोदिया ने इस मामले में केंद्र सरकार को घेरते हुए कहा कि सरकार बिल्कुल आंख बंद करके बैठी है। सरकार को छात्रों की परेशानी समझ नहीं आ रही। सरकार की ओर से कहा जा रहा है कि वह परीक्षा कराने की व्यवस्था कर लेंगे। कोरोना के इस दौर में बहुत अच्छी बात है की वो व्यवस्था कर लेंगे।
हमारे स्वास्थय मंत्री को कोरोना हुआ, गृह मंत्री अमित शाह को खुद भी कोरोना हुआ, कई राज्यों के मंत्रियों को राज्यपालों को मुख्यमंत्रियों को कोरोना हुआ है, वो सब भी तो इसी व्यवस्था के अंदर आते हैं। इसी व्यवस्था के भरोसे यदि आप 28 लाख बच्चों को बोल देंगे कि आप परीक्षा दे दो, हम सब ठीक कर देंगे तो यह संभव नहीं है।
मनीष सिसोदिया ने कहा कि दुनिया के तमाम देश सिस्टम परीक्षा से बाहर आ रहे हैं लेकिन केंद्र सरकार परीक्षा कराने में लगी है। उन्होंने कहा कि कोरोना के इस दौर में भी हम शिक्षा मुहैया करा रहे हैं, लेकिन तीन घंटे की परीक्षा से किसी के टैलेंट को नहीं खोजा जा सकता। यह संकुचित सोच ही है। सरकार के पास ज्यादा समय नहीं है, ऐसे में उसे जल्द ही कोई फैसला लेना चाहिए।