1.30 बजे, प्रदूषण जांच केंद्र,
विनोद नगर-
ऑटो चालक वीरेंद्र ने कहा कि महामारी काल में जुर्माने का बोझ बढ़ने से उनकी परेशानी और बढ़ गई है। सर्टिफिकेट की वैधता खत्म होने से पहले जांच करवाने में एक दिन की भी चूक हो जाती है तो एक ऑटो चालक को पूरे महीने की कमाई से जुर्माना चुकाना होगा।
बाइक चालक जवाहर ने बताया कि पर्यावरण को स्वच्छ बनाए रखने के लिए नियंत्रित प्रदूषण का सर्टिफिकेट पहले भी जरूरी था। जुर्माने की राशि में बढ़ोतरी से से लोगों में दहशत हैं। कोरोना काल में पहले ही आर्थिक मुश्किलों से लोग जूझ रहे हैं, ऐसे में भारी जुर्माना किए जाने से वाहन चालकों की चिंता और बढ़ गई है। इससे बचने के लिए वाहन चालकों को और अधिक सतर्क रहना होगा। एक दिन की भी देरी हुई तो 10 हजार रुपये का जुर्माना किए जाने सेपरिवार के लिए भी मुश्किलें बढ़ जाएंगी।
1.55 बजे, मयूर विहार, फेस-टू, प्रदूषण जांच केंद्र-एक 50 वर्षीय कार चालक ने कहा कि सरकार की ओर से प्रदूषण कम करने के लिए सख्ती ठीक है। इससे वाहन मालिक और अधिक सतर्क रहेंगे।
सर्वर की सुस्ती से बढ़ी परेशानी
प्रदूषण जांच केंद्र पर मौजूद कर्मी ने बताया कि पिछले दिनों विशेष अभियान शुरू किए जाने से जांच करवाने वालों की संख्या डेढ़ गुना तक बढ़ गई है। दूसरे केंद्र पर मौजूद वीर सिंह ने बताया कि जांच करवाने वालों की तादाद डेढ़ गुना से अधिक बढ़ गई है, लेकिन सर्वर के स्लो होने से सर्टिफिकेट के लिए लोगों को इंतजार करना पड़ रहा है।
जुर्माने की राशि का कई चालकों को नहीं है पता
अभी भी कई वाहन चालकों को नहीं पता एक सितंबर, 2019 से ही नियंत्रित प्रदूषण का प्रमाण पत्र(पीयूसी)न होने पर वाहन चालकों पर 10 हजार रुपये का जुर्माना कर दिया गया था। पहले यह राशि एक हजार थी। करीब एक साल बाद दोबारा अभियान शुरू होने की वजह से अभी भी कुछ वाहन चालकों को जुर्माने की राशि का पता नहीं है। ऐसे में जुर्माना से बचने के लिए लोग जांच के लिए अधिक संख्या में पहुंच रहे हैं।
बीएस-6 मानकों का पालन जरूरी
एक पेट्रोल पंप मालिक ने बताया कि बीएस-6 वाहनों के लिए तय मानकों के मुताबिक प्रदूषण के लिए तय मानकों को लागू किया गया है। परिवहन विभाग, ट्रैफिक, डीपीसीसी सहित अन्य एजेंसियां भी इसपर कार्रवाई कर रही हैं। परिवहन विभाग के एक अधिकारी के मुताबिक कुछ वाहनों से ईंधन के सैंपल लिए जा रहे हैं। जिन वाहनों से धुआं अधिक निकल रहा है उनपर भी कार्रवाई की जा रही है।