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दिल्ली ड्राफ्ट मतदाता सूची: बुराड़ी में 1.69 लाख नाम कटे, ओखला दूसरे नंबर पर; केजरीवाल ने चुनाव आयोग को घेरा

Tue, 01 Sep 2026 06:34 AM IST
दुष्यंत शर्मा धनंजय मिश्रा, दिल्ली

सार

दिल्ली में एसआईआर की ड्राफ्ट मतदाता सूची से करीब 47 लाख नाम गायब होने का आरोप लगाते हुए आम आदमी पार्टी (आप) ने भाजपा और चुनाव आयोग पर निशाना साधा है। 
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आप नेता सौरभ भारद्वाज - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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दिल्ली की ड्राफ्ट मतदाता सूची में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के बाद विधानसभा-वार नाम बाहर होने की तस्वीर सामने आ गई है। संख्या के लिहाज से बुराड़ी सबसे ऊपर है। यहां 4,28,480 मतदाताओं में से 2,59,810 के सत्यापन प्रपत्र डिजिटलीकृत हुए। 

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इसके आधार पर 1,68,670 मतदाताओं के नाम ड्राफ्ट सूची में शामिल नहीं हो सके। ओखला दूसरे स्थान पर रहा, जहां 3,62,813 मतदाताओं में से 1,64,451 के नाम ड्राफ्ट से बाहर हैं। दोनों विधानसभा क्षेत्रों में नाम बाहर होने की संख्या में सिर्फ 4,219 का अंतर है।

बदरपुर में 1,47,088 और विकासपुरी में 1,46,511 नाम ड्राफ्ट सूची में नहीं पहुंचे। इसके अलावा मटियाला में 1,05,835 और मुस्तफाबाद में 80,891 मतदाताओं के नाम शामिल नहीं हुए। आंकड़े बताते हैं कि बड़ी मतदाता संख्या वाले विधानसभा क्षेत्रों में ही सबसे ज्यादा नाम बाहर नहीं हुए हैं।
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कुछ विधानसभा क्षेत्रों में 20 फीसदी से भी कम नाम बाहर
कई विधानसभा क्षेत्रों में 80 फीसदी या उससे अधिक सत्यापन प्रपत्र डिजिटलीकृत हुए। रोहिणी में 83.43 फीसदी, शकूरबस्ती में 81.26 फीसदी और राजौरी गार्डन में 79.14 फीसदी प्रपत्र डिजिटलीकृत हुए। मंगोलपुरी में यह आंकड़ा 78.76 और उत्तम नगर में 77.76 फीसदी रहा। इससे इन क्षेत्रों में ड्राफ्ट सूची से बाहर रहने वाले मतदाताओं का अनुपात अपेक्षाकृत कम है।

बुराड़ी में 39.36 फीसदी नाम ड्राफ्ट से बाहर
तुगलकाबाद में 47.85 फीसदी मतदाताओं के नाम ड्राफ्ट सूची में नहीं पहुंचे। 1,92,419 मतदाताओं में से 1,00,345 के सत्यापन प्रपत्र डिजिटलीकृत हुए, जबकि 92,074 नाम बाहर रहे। ओखला में 45.33 फीसदी और बुराड़ी में 39.36 फीसदी नाम ड्राफ्ट से बाहर हैं। इस तरह संख्या में बुराड़ी, जबकि अनुपात में तुगलकाबाद सबसे आगे है।

बदरपुर और विकासपुरी में भी डेढ़ लाख के करीब नाम बाहर
नाम बाहर होने की संख्या में बदरपुर तीसरे और विकासपुरी चौथे स्थान पर हैं। बदरपुर में 3,44,677 में से 1,97,589 प्रपत्र डिजिटलीकृत हुए और 1,47,088 नाम ड्राफ्ट में नहीं पहुंचे। विकासपुरी में 4,21,792 में से 2,75,281 प्रपत्र डिजिटलीकृत हुए, जबकि 1,46,511 नाम बाहर रहे। मटियाला में 1,05,835 और मुस्तफाबाद में 80,891 नाम ड्राफ्ट सूची में नहीं पहुंचे।

सिर्फ बड़ी आबादी वाले इलाकों में ही नाम नहीं कटे
आंकड़ों से स्पष्ट है कि नाम बाहर होने की संख्या का सीधा संबंध कुल मतदाताओं की संख्या से नहीं है। दिल्ली के सबसे बड़े विधानसभा क्षेत्र मटियाला में 4,38,702 मतदाता हैं, लेकिन ड्राफ्ट से बाहर नाम 1,05,835 हैं। वहीं ओखला में 3,62,813 मतदाताओं के मुकाबले यह संख्या 1,64,451 है। विकासपुरी में 4,21,792 मतदाताओं में 1,46,511 नाम बाहर रहे।
 
शकूरबस्ती में 18.74 फीसदी के नाम नहीं
कुल मतदाताओं के मुकाबले ड्राफ्ट सूची से बाहर नामों का अनुपात देखें तो तुगलकाबाद सबसे ऊपर है। यहां 1,92,419 मतदाताओं में से 92,074 के सत्यापन प्रपत्र डिजिटलीकृत नहीं हुए। यानी 47.85 फीसदी नाम ड्राफ्ट में नहीं पहुंचे। ओखला में यह अनुपात 45.33 फीसदी और बुराड़ी में 39.36 फीसदी रहा। इसके उलट रोहिणी में 83.43 फीसदी सत्यापन प्रपत्र डिजिटलीकृत हुए। यानी करीब 16.57 फीसदी नाम ड्राफ्ट में नहीं पहुंचे। शकूरबस्ती में 18.74 फीसदी, राजौरी गार्डन में 20.86 फीसदी, मंगोलपुरी में 21.24 फीसदी और उत्तम नगर में 22.24 फीसदी नाम बाहर रहे। तुगलकाबाद और रोहिणी के बीच इस अनुपात में करीब 31 प्रतिशत अंक का अंतर है।

केजरीवाल ने चुनाव आयोग पर साधा निशाना
दिल्ली में एसआईआर की ड्राफ्ट मतदाता सूची से करीब 47 लाख नाम गायब होने का आरोप लगाते हुए आम आदमी पार्टी (आप) ने भाजपा और चुनाव आयोग पर निशाना साधा है। आप संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली में करीब 1.5 करोड़ मतदाताओं में से 47 लाख के नाम सूची में नहीं हैं।

प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने कहा कि जिस दिल्ली ने लोकसभा चुनाव में भाजपा को तीन बार 7-0 से जीत दिलाई और डेढ़ साल पहले विधानसभा चुनाव में भी भाजपा को सत्ता सौंपी, वहां अब एक-तिहाई मतदाता गायब बताए जा रहे हैं। उन्होंने सवाल किया कि क्या   दिल्ली में एक-तिहाई लोग बांग्लादेशी हैं?

भारद्वाज ने आरोप लगाया कि भाजपा गरीबों की सुविधाएं बंद कर रही है और अब उनके वोट काटकर केवल संपन्न वर्ग के वोटों के सहारे सरकार बनाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि युवाओं को बरगलाना आसान नहीं है।

एसआईआर पर आप के आरोप बेबुनियाद : हर्ष 
दिल्ली में एसआईआर के बाद जारी ड्राफ्ट मतदाता सूची को लेकर आम आदमी पार्टी के आरोपों पर दिल्ली भाजपा अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ने पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि एसआईआर के दौरान ऑनलाइन या बीएलओ के माध्यम से फॉर्म भरकर जरूरी दस्तावेज जमा करने वाले सभी वैध मतदाताओं के नाम सूची में शामिल किए गए हैं। किसी वास्तविक मतदाता का नाम छूटा है तो वह चुनाव आयोग के समक्ष दावा पेश कर सकता है।

मल्होत्रा ने कहा कि चुनाव आयोग ने करीब चार महीने तक चली प्रक्रिया के लिए पर्याप्त समय दिया और इसे पारदर्शी तरीके से पूरा किया। राजनीतिक दलों के बूथ स्तर के एजेंट भी प्रक्रिया में शामिल रहे। उन्होंने आरोप लगाया कि आप ने एसआईआर के दौरान कोई आपत्ति नहीं जताई, लेकिन ड्राफ्ट सूची जारी होने के बाद चुनाव आयोग पर सवाल उठा रही है। एसआईआर का उद्देश्य एक व्यक्ति का नाम एक ही स्थान की मतदाता सूची में सुनिश्चित करना है। मल्होत्रा के अनुसार, कई नाम एक से अधिक जगह पंजीकरण के कारण हटे हैं। 

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