भजनपुरा और यमुना विहार के बीच बन रहे डबल डेकर फ्लाईओवर का काम पेड़ों को हटाने की अनुमति नहीं मिलने से अटक गया है। यह फ्लाईओवर दिल्ली मेट्रो के मौजपुर से मजलिस पार्क कॉरिडोर का हिस्सा है जिसमें ऊपरी डेक पर मेट्रो व निचले डेक पर चार लेन का फ्लाईओवर होगा। फ्लाईओवर के दोनों उतरने वाले हिस्सों (भजनपुरा और बृजपुरी) में करीब 80 से अधिक हरे पेड़ आ रहे हैं।
मेट्रो ने कॉरिडोर के लिए वायाडक्ट का निर्माण पूरा कर लिया है लेकिन सड़क को फ्लाईओवर से जोड़ने वाले दोनों तरफ के रैंप पेड़ों की वजह से अभी तक नहीं बन सके हैं। यह दिल्ली का पहला डबल-डेकर वायाडक्ट है जिसके निचले डेक में चार लेन की सड़क होगी। भजनपुरा और यमुना विहार के बीच यह खंड करीब 1.4 किलोमीटर लंबा है। कुछ महीनों से काम रुके होने के बाद पीडब्ल्यूडी मंत्री परवेश वर्मा ने हाल ही में निर्माण कार्य की समीक्षा की थी और विभाग को काम में तेजी लाने का निर्देश दिया था। परियोजना का निर्माण डीएमआरसी कर रही है जबकि धनराशि दिल्ली सरकार दे रही है। इसका रखरखाव पीडब्ल्यूडी करेगा।
2021 में हुई थी घोषणा
दिल्ली मेट्रो के फेज-4 के तहत बन रहे तीन डबल-डेकर वायाडक्ट में से यह पहला है। इसकी घोषणा 2021 में की गई थी। तीनों में से सबसे लंबा 2.4 किलोमीटर का वायाडक्ट संगम विहार और आंबेडकर नगर स्टेशनों के बीच एयरोसिटी-तुगलकाबाद कॉरिडोर पर होगा। दूसरा वायाडक्ट आजादपुर और रानी झांसी रोड चौराहे के बीच आरके आश्रम मार्ग-जनकपुरी पश्चिम कॉरिडोर पर 2.2 किलोमीटर लंबा होगा। मौजूदा समय में भजनपुरा और यमुना विहार के बीच बनाए जा रहे डबल डेकर फ्लाईओवर का निर्माण कार्य अंतिम चरण में है।
ट्रैफिक जाम से मिलेगी निजात
फ्लाईओवर बनने से भजनपुरा, यमुना विहार, मौजपुर व आसपास के लाखों लोगों को रोजाना लगने वाले जाम से राहत मिलेगी। लंबी दूरी वाले वाहन सीधे फ्लाईओवर से गुजर सकेंगे जिससे स्थानीय यातायात पर दबाव कम होगा। खास बात यह भी है कि खजूरी चौक उत्तर पूर्वी दिल्ली में प्रमुख ट्रैफिक बिंदु है। ये लंबे समय से भीड़ और जाम की समस्या से जूझ रहा है। फ्लाईओवर और मेट्रो परियोजना से खजूरी चौक पर जाम की समस्या काफी हद तक कम होगी। चार लेन का फ्लाईओवर खजूरी चौक के आसपास के यातायात को डायवर्ट करेगा, जिससे चौराहे पर वाहनों का दबाव कम होगा।