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दिल्ली : कोरोना मामले बढ़ने के बाद जिला न्यायाधीश ने दिए घर से काम करने के निर्देश

Fri, 26 Jun 2020 05:30 PM IST
Mohit Mudgal पीटीआई, नई दिल्ली
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : फाइल फोटो
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रोहिणी कोर्ट में कोरोना वायरस के मामले बढ़ने के मद्देनजर जिला न्यायाधीश ने सभी न्यायिक अधिकारियों से घर से काम करने और कर्मचारियों को अदालत नहीं आने का निर्देश दिया है।

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जिला न्यायाधीश स्वर्णकांता शर्मा ने इस तथ्य पर संज्ञान लिया कि कुछ न्यायिक अधिकारी अपने कर्मचारियों को अदालत परिसर में आने के लिए कह रहे हैं और उन्होंने इस संबंध में एक परिपत्र जारी किया। परिपत्र में कहा गया है कि न्यायिक अधिकारियों को घर से काम करने के दिल्ली उच्च न्यायालय के निर्देश के बावजूद ऐसा संज्ञान में आया है कि इनमें से कुछ नियमित रूप से अदालत आ रहे हैं और अपने पूरे स्टाफ को हर दिन बुला रहे हैं।

पिछले कुछ हफ्तों में अदालतों में आने वाले कई कर्मचारियों और न्यायाधीशों के कोरोना संक्रमित पाए जाने के बाद 19 जून को जारी एक परिपत्र में ये निर्देश दिए गए हैं। इसमें कहा गया है कि अगर न्यायाधीशों के पास वीडियो कांफ्रेंस के जरिए मामलों पर सुनवाई करने की तकनीकी सुविधा उपलब्ध नहीं है तो वे जिला न्यायाधीश को सूचित करें।

परिपत्र में कहा गया है कि किसी खास दिन ड्यूटी पर केवल एक या दो कर्मचारियों को ही बुलाया जाए। इसमें कहा गया है कि हालांकि स्टेनोग्राफर फोन के जरिए अपने घर से काम कर सकते हैं।

परिपत्र में आगे कहा गया है कि जहां तक पेशी का संबंध है तो अहलमद/ सहायक अहलमद/ रीडर को बारी-बारी से उनकी आपसी समझ के अनुसार सीमित अवधि के लिए बुलाया जा सकता है। साथ ही कहा गया है कि कुछ अदालतें उच्च न्यायालाय के निर्देशों के अनुसार अपने सर्वर पर रोज के आदेश अपलोड नहीं कर रही हैं।

गौरतलब है कि अदालत परिसरों में तैनात दो कर्मचारी 19 और 22 जून को कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए। परिपत्र में कहा गया है कि एक अधिकारी आखिरी बार 19 जून को अदालत परिसर गया था और वह न्यायाधीश की अदालत में तैनात निजी सहायक के संपर्क में आया था जबकि दूसरा अधिकारी आखिरी बार 11 जून को अदालत में गया था। उन्हें 14 दिनों के लिए क्वारंटीन करने के लिए कहा गया है।

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एक अन्य मामले में मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट मयंक गोयल की अदालत में तैनात निजी सहायक संक्रमित पाया गया है। जिसके चलते अदालत कक्ष को सील कर दिया गया और अहलमद के कमरे और न्यायाधीश के चैंबर के साथ उसे संक्रमण मुक्त किया गया।

यह अधिकारी न्यायाधीश, अतिरिक्त लोक अभियोजक समेत अन्य कर्मचारियों और अदालत में तैनात एक कांस्टेबल के करीबी संपर्क में आया था। सभी को सात दिनों के लिए क्वारंटीन करने के निर्देश दिए गए हैं। इससे पहले जिला न्यायाधीश आर पी पांडे भी कोविड-19 से संक्रमित पाए गए थे। उनका अदालत कक्ष भी बंद कर दिया गया है।

देश में कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए लगाए लॉकडाउन के कारण मार्च से दिल्ली में सभी छह जिला अदालतें सीमित तरीके से काम कर रही हैं।

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