नई दिल्ली। दिल्ली-देहरादून आर्थिक गलियारे के लिए 6-लेन हाईवे के निर्माण में पर्यावरण नियमों का पालन और पेड़ लगाने के मामले में राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) में सुनवाई हुई। रिपोर्ट में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने बताया कि उसने पेड़ लगाने और पर्यावरण संरक्षण के लिए 2.58 करोड़ रुपये प्रतिपूरक वनरोपण निधि प्रबंधन एवं योजना प्राधिकरण (कैंपा) फंड में जमा कर दिए हैं। उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में बादशाहीबाग वन क्षेत्र में 8.33 हेक्टेयर जमीन पेड़ लगाने के लिए चुनी गई है। जमीन तैयार करने का काम 2025-26 में शुरू होगा और पेड़ 2026 की बारिश के मौसम में लगाए जाएंगे। एनएचएआई ने कहा कि पैसे जमा होने के बाद वन विभाग को यह काम करना होगा, जैसा कि कानून में लिखा है। एनजीटी ने एनएचएआई की रिपोर्ट से सहमति जताई और उसके अध्यक्ष को अगली सुनवाई में आने की जरूरत से छूट दी। साथ ही, पर्यावरण मंत्रालय और उत्तर प्रदेश व उत्तराखंड के वन विभाग के बड़े अधिकारियों को पेड़ लगाने की प्रगति की पूरी रिपोर्ट देने को कहा। इस मामले की आखिरी सुनवाई 11 नवंबर को होगी। संवाद