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Delhi : विज्ञापन बढ़ाने के लिए बनाई थी रश्मिका मंदाना की डीप फेक वीडियो, जब मचा बवाल तो कर दिए डिलीट

Mon, 29 Jan 2024 05:13 AM IST
दुष्यंत शर्मा पुरुषोत्तम वर्मा, नई दिल्ली

सार

आंध्रप्रदेश निवासी आरोपी ईमानी नवीन ने फिल्म अभिनेत्री की डीपफेक वीडियो विज्ञापन बढ़ाने के लिए बनाई थी। उसके एक सोशल मीडिया पर फैन पेज वीडियो चैनल फॉलोअर बढ़ नहीं रहे थे, इस कारण उसे विज्ञापन नहीं मिल रहे थे।
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रश्मिका मंदाना डीपफेक वीडियो file pic - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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फिल्म अभिनेत्री रश्मिका मंदाना की डीप फेक वीडियो मामले में नया खुलासा हुआ है। आंध्रप्रदेश निवासी आरोपी ईमानी नवीन ने फिल्म अभिनेत्री की डीपफेक वीडियो विज्ञापन बढ़ाने के लिए बनाई थी। उसके एक सोशल मीडिया पर फैन पेज वीडियो चैनल फॉलोअर बढ़ नहीं रहे थे, इस कारण उसे विज्ञापन नहीं मिल रहे थे। उसके दो अन्य फैन पेज यू-ट्यूब चैनल पर फॉलोअर बढ़ते जा रहे थे। अपने यू-ट्यूब चैनल पर फॉलोअर बढ़ाने के लिए उसने फिल्म अभिनेत्री का डीपफेक वीडियो बनाया था। इसके बाद उसके यू-ट्यूब चैनल पर फॉलोअर बढ़ गए थे। दूसरी तरफ देश के एक बड़े क्रिकेटर की बेटी का भी डीपफेक वीडियो बनाया गया है।

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दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल के पुलिस अधिकारियों के अनुसार, जब आरोपी ईमानी नवीन को पता लगा कि उसके बनाए डीपफेक वीडियो पर पूरे देश में बवाल हो गया है, तब उसे लगा कि उसने गलत काम कर दिया। इसके बाद उसने फेसबुक व इंटाग्राम से यू ट्यूब चैनल से ओरिजनल वीडियो के साथ-साथ वह टूल्स भी डिलीट कर दिए थे। दिल्ली पुलिस अधिकारियों के अनुसार दिल्ली पुलिस इस मामले में गहनता से जांच कर रही है।

आरोपी ने दक्षिण भारत के ही दो और वीआईपी की डीपफेक वीडियो बनाई थी। दूसरी तरफ दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की आईएफएसओ आरोपी की डिवाइस को फोरेंसिक जांच के लिए भेज रही है। दिल्ली पुलिस ये भी जांच कर रही है कि आरोपी ने डिवाइस से और क्या-क्या डिलीट किया है। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि आरोपी ने तीन वीआईपी लोगों के अलावा किसी और वीआईपी की तो डीपफेक वीडियो तो नहीं बनाई है।
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भ्रम में न रहें, गलत काम करेंगे तो पकड़े जाएंगे
दिल्ली पुलिस अधिकारियों के अनुसार, लोगों के दिमाग में ये रहता है कि वह सोशल मीडिया पर डीपफेक वीडियो या फिर अन्य गलत काम करेंगे तो पकड़े नहीं जाएंगे। आईएफएसओ के एक साइबर एक्सपर्ट का कहना है कि सोशल मीडिया पर किसी भी गलत काम करने वाले को आसानी से पकड़ा जा सकता है।

असली व नकली वीडियो की ऐसे करें पहचान

  • सर्कुलेट करने से पहले ये देख ले कि जिसको आप सर्कुलेट कर रहे हैं वह नकली वीडियो तो नहीं है
  • असली व नकली वीडियो में बोलते हुए व्यक्ति के होठ एक जैसे नहीं होते हैं
  • डीपफेक वीडियो में चेहरा हिलता-डुलता रहता है
  • कान और हाथों का रंग एक जैसा नहीं होता है
  • यदि कोई वीडियो विवादित व अश्लील है तो उस व्यक्ति का इतिहास देख लेना चाहिए
  • देखना चाहिए कि क्या वह व्यक्ति सोशल मीडिया पर ऐसी वीडियो डालता है
  • डीपफेक वीडियो व अश्लील वीडियो को सर्कुलेट करना भी जुर्म है

इंटरनेट पर डालने के बाद वापस नहीं होती
स्पेशल सेल के पुलिस अधिकारियों के अनुसार, लोगों को दूसरों की इज्जत का ख्याल रखना चाहिए। अगर एक बार इंटरनेट पर कोई चीज डाल दी जाती है तो वह फिर वापस नहीं होती है। ऐसे में लोगों को सोशल मीडिया पर कोई भी चीज सोच-समझकर डालनी चाहिए।

डीपफेक वीडियो को लेकर अभी कोई कानून नहीं है
दिल्ली पुलिस अधिकारियों के अनुसार, डीपफेक वीडियो को लेकर अभी कोई कानून नहीं है। केंद्र सरकार इस पर अध्यादेश ला रही है। अभी दिल्ली पुलिस 66 सी और ईआई टीम एक्ट यानि दूसरे की छवि खराब करने के तहत एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई करती है। जब कानून बन जाएगा, तब लोगों में इसका डर बैठेगा।

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