हिंसा का शिकार हुई उत्तर पूर्वी दिल्ली में भारी पुलिस बल की तैनाती के बाद मुख्य सड़कों के हालात सुधर रहे हैं, लेकिन अपनी आखों से हिंसा का उपद्रव देखने वाली कॉलोनियों में एक गली से दूसरी गली तक रात के अंधेरे में हल्का सा शोर भी लोगों को उन्मादी बनने की ओर धकेल देता है। इसी तरह शनिवार रात शिव विहार की गली नंबर-4 में शोर सुनते ही लोग घरों से लाठी-डंडे, तलवार आदि लेकर निकल पड़े।
काफी देर तक भगदड़ मचने के बाद पता चला कि किसी ने गोली चलने की अफवाह उड़ाई है। गलियों के बाहर सुरक्षाकर्मी माहौल को नियंत्रित करने के लिए तैनात हैं, लेकिन अंदर का माहौल अभी भी अफरा-तफरी का है। उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हिंसा के बाद पुलिस द्वारा किए जा रहे शांति के दावों की हकीकत बिल्कुल उलट दिख रही है।
चप्पे-चप्पे पर तैनात सुरक्षाकर्मियों ने मुख्य सड़कों के हालात को तो बदल दिया है, लेकिन गलियों में अब भी तनाव बरकरार है। चमन पार्क, मौजपुर, शिव विहार, करावल नगर, घोंडा सहित कई अन्य इलाकों की गलियों में हालात ऐसे ही हैं। शुक्रवार देर रात शिव विहार की गली नंबर-4 में किसी ने गोली चलाने की अफवाह उड़ा दी।
इस पर काफी लोग अपने घरों से लाठी-डंडे लेकर निकल पड़े। उन्होंने गली के रास्ते में खिंची लक्ष्मण रेखा के पास खड़े होकर दूसरे पक्ष को ललकारना शुरू कर दिया। कुछ देर बाद पता चला कि यह महज एक अफवाह थी और गोली कहीं नहीं चली है। इसके बाद वे अपने घर लौट गए।
दूसरी ओर, गलियों में दो समुदायों के बीच आग लगाने में सोशल मीडिया का इस्तेमाल किया जा रहा है। किसी भी विवादित वीडियो को हिंसाग्रस्त इलाके का बताकर माहौल खराब करने की कोशिश चल रही है।