लॉकडाउन से पहले अपने मूल प्रदेशों में गए कामगार अब फिर काम पर लौटने लगे हैं। अनलॉक में छूट मिलते ही दिल्ली से दूसरे प्रदेशों में काम के सिलसिले में जाने वालों की भीड़ बढ़ने लगी है। कश्मीरी गेट से पंजाब के शहरों में रोजगार के लिए जाने वालों की भारी भीड़ और सरकारी बसों की कमी से एक बार फिर मुश्किलें बढ़ती हुई नजर आ रही हैं।
कश्मीरी गेट बस अड्डा के ठीक सामने पंजाब के लुधियाना जाने के लिए तैयार बस में सवार होने वाले यात्री सोशल डिस्टेसिंग की अनदेखी करते दिखे। हैरत की बात यह है कि बस अड्डा के अंदर तो सुरक्षा कर्मियों की नजर है, लेकिन बाहर कि लापरवाही रोकने के लिए फिक्रमंद कोई नहीं।
रोडवेज बसों की संख्या कम होने की वजह से यात्रियों को गंतव्य तक पहुंचाने के लिए निजी बसें भी उपलब्ध हैं। संक्रमण बढ़ने के बाद जैसे ही हालात बिगड़ने लगे तो दिहाड़ीदारों ने अपने मूल प्रदेशों की ओर रुख कर लिया। हालात में सुधार होने के बाद जब छूट मिली तो इस दौरान सामाजिक दूरी, मास्क पहनने सहित दूसरी पाबंदियों की अनदेखी की जाने लगी है।
दूसरे शहरों तक यात्रियों से अधिक पैसे वसूलने के बावजूद न तो बस संचालक और न ही सुरक्षा कर्मी संक्रमण से बचाव के लिए सामाजिक दूरी का पालन करवा रहे हैं। आगे भी इसी तरह की अनदेखी जारी रही तो ऐसी लापरवाही से हालात बिगड़ सकते हैं। अनलॉक के दौरान मिली छूट के दौरान सभी हिदायतों का पालन करवाने के लिए संबंधित विभागों को भी और सतर्क रहने की जरूरत है।
कश्मीरी गेट बस अड्डा के बाहर पंजाब के लुधियाना जाने के लिए जब बस रुकी तो इसमें सवार होने वालों की भीड़ उमड़ने लगी। बस के बाहर दिहाड़ीदारों की लंबी लाइन दिखी, लेकिन एक दूसरे के साथ साथ खड़े थे। ऐसे में संक्रमण फैलने की आशंका बनी हुई है। हैरत की बात यह है कि बस में मौजूद कर्मी भी लोगों से बातचीत तो कर रहा था लेकिन किसी से सामाजिक दूरी बनाए रखने के लिए कहना जरूरी नहीं समझा।
रोजगार के लिए दूसरे शहरों में जाने वालों की बढ़ने लगी भीड़
लुधियाना में काम करने वाले एक कर्मी ने बताया कि लंबे समय के बाद दोबारा काम के सिलसिले में जा रहा है। बसों की संख्या कम होने की वजह से निजी बस अपना रहे हैं। भीड़ तो है, लेकिन जल्दी पहुंचने के लिए किसी भी साधन से जाएंगे। कर्मी दिनेश ने बताया कि लॉकडाउन में पहले ही उन्हें आर्थिक तंगी से जूझना पड़ा। अब कमाई के लिए जा रहे हैं तो अधिक रुपये खर्च कर भी सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। इस दौरान कुछ लोगों ने मास्क भी ठीक तरह से नहीं लगाए थे।