भारत में बैठकर 500 से ज्यादा अमेरिकी नागरिकों के साथ करोड़ों रुपये की ठगी करने का मामला सामने आया है। दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने मास्टरमाइंड समेत छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपी कॉल सेंटर चलाकर देश-विदेश की कंपनियों के नाम पर अमेरिकी नागरिकों के साथ ठगी कर रहे थे। गिरोह के सदस्य लैपटॉप व डेस्कटॉप पर पॉप अप सॉफ्टवेयर भेजकर सिस्टम को हैक करने के बाद उसे ठीक कराने के नाम पर ठगी करते थे। इनके कब्जे से सात लाख रुपये नकद व सात लैपटॉप बरामद किए गए हैं।
अपराध शाखा के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि अपराध शाखा की चाणक्यपुरी स्थित आईएससी की टीम को गुप्त सूचना मिली थी कि पश्चिमी विहार एरिया में एक कॉल सेंटर चल रहा है। ये गिरोह बड़े स्तर पर अमेरिकी लोगों के साथ ठगी कर रहा है। अपराध शाखा की टीम ने पश्चिमी विहार में स्थित कॉल सेंटर में दबिश दी। वहां लोग अमेरिकी नागरिकों को ठगने में लगे हुए थे। पुलिस ने कॉल सेंटर से कॉल सेंटर संचालक अभिषेक छावड़ा (31), राहुल गुप्ता (24), पुष्कर राज (23), आदित्य धनकार (24), अर्पित चौधरी (23) और आशीष कुमार (23) को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में पुलिस को पता लगा कि अभिषेक छाबड़ा ने अपने साथी मिक्की के साथ ये फर्जी कॉल सेंटर खोला हुआ था, जबकि गिरफ्तार अन्य आरोपी सेंटर में टेलीकॉलर के रूप में काम करते थे। इनको कमीशन पर रखा हुआ था। पूछताछ में पता लगा कि कॉल सेंटर कई महीनों से चल रहा था और ये 500 से ज्यादा अमेरिकी नागरिकों के साथ ठगी कर चुके हैं।
अमेरिकी नागरिकों के साथ ऐसे कर रहे थे ठगी
आरोपी अमेरिकन लोगों के लैपटॉप व डेस्कटॉप पर पहले पॉप अप सॉफ्टवयर भेजते थे। इसके बाद लैपटॉप व डेस्कटॉपर की स्क्रीन पर हैक व एरर आने का मैसेज दिखता था। ये पीड़ित को एक टॉल फ्री नंबर देते थे और कॉल कर लोगों को माइक्रोसॉफ्ट के इंजीनियर बनकर उनकी समस्या को ठीक करने का झांसा देते थे। ये पीड़ित से विभिन्न कंपनियों का गिफ्ट वाउचर खरीदवाते थे। इसके बाद ये पीड़ित से वाउचर का नंबर पूछ लेते थे। ये बाद में वाउचर को कैश करा लेते थे। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वह विदेशी नागरिकों को इसलिए ठगते थे, ताकि वह पुलिस में शिकायत न कर पाएं।