दिल्ली पुलिस के लाख प्रयासों के बावजूद राजधानी में 2018 के मुकाबले 2019 में हत्या के मामलों में तेजी से इजाफा हुआ है। दिल्ली पुलिस के 15 जून 2019 तक उपलब्ध आंकड़ों पर गौर करें तो यह पाएंगे कि 15 जून 2019 तक राजधानी में कुल 233 हत्याएं हो चुकी हैं जबकि इसी अवधि में साल 2018 में 223 हत्याएं हुई थीं। इसका अर्थ ये है कि पिछले साल की तुलना में अब तक 10 हत्याएं ज्यादा हो चुकी हैं।
एक ओर जहां लोगों को जागरूक करने का प्रयास किया जा रहा है, वहीं अपराध करने के तरीके में भी बदलाव आया है। दिल्ली में हुई अधिकतर हत्याओं में देखा जा सकता है कि अपने ही उस हत्या के पीछे होते हैं। या तो परिवार का कोई सदस्य होता है या कोई जानने वाला दोस्त, पड़ोसी, रिश्तेदार या करीबी।
अगर उदाहरण की बात करें तो दिल्ली में 13-14 जून को 12 घंटे के अंदर ही अलग-अलग वारदतों में 5 हत्याएं हुईं। वहीं 22-23 जून को 24 घंटों के अंदर ही 9 हत्याएं हो गईं। इनमें से कई मामलों में परिवार या किसी करीबी का हाथ रहा।
दिल्ली में अपराध की स्थिति इसलिए भी चिंताजनक है क्योंकि यहां पुलिस व्यवस्था सीधे तौर पर गृह मंत्रालय के हाथ में है। दिल्ली पुलिस केंद्र को जवाबदेह है। इसके साथ ही देश की राजधानी में अपराध का इस स्तर से बढ़ना देश की छवि के लिए भी ठीक नहीं है।
2019 में हत्या के अलावा हुई अन्य वारदातों के 15 जून तक के आंकड़े-
वारदात- 2019 2018
डकैती- 10 10
हत्या की कोशिश- 218 258
लूट- 1043 1248
दंगे- 3 11
फिरौती के लिए अपहरण- 7 13
दुष्कर्म 973 1005
कुल जघन्य अपराध 2487 2768