कोरोना वायरस संक्रमण के खतरे के साथ पुलिस के सामने निजामुद्दीन मरकज को लेकर तरह-तरह अफवाहों को रोकने की चुनौती है। मरकज में कोरोना के मरीज पाए जाने के बाद सोशल मीडिया पर इसे एक समुदाय के खिलाफ साजिश बताया जा रहा है। सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर लोगों को लॉकडाउन का पालन न करने के लिए उकसाया जा रहा है। साइबर क्राइम सेल ऐसे लोगों की पहचान के लिए जांच कर रही है।
दिल्ली में एक बार फिर सीएए के मुद्दे को जिंदा करने के लिए कोरोना वायरस संक्रमण को एक समुदाय के खिलाफ साजिश बताया जा रहा है। व्हाट्स एप, टिकटॉक और फेसबुक पर वीडियो बनाकर लॉकडाउन का पालन न करने के लिए उकसाया जा रहा है।
टिकटॉक पर तो कुछ वीडियो काफी भड़काऊ हैं। पुलिस की तरफ से गृह मंत्रालय को इसकी रिपोर्ट भी सौंपी गई है। इन वीडियो के माध्यम से मिश्रित आबादी वाले इलाकों में तनाव फैलाने की कोशिश की जा रही है। वीडियो में पुलिस की कार्रवाई को एकतरफा बताने की कोशिश है। ऐसे वीडियो बनाने वालों की पहचान करने में पुलिस के भी पसीने छूट रहे हैँ। इन वीडियो को तेजी से मोबाइलों पर फैला दिया गया है।