पुलिस अधिकारियों के अनुसार इसके बाद पुलिस ने पंकज को पकड़ने के लिए जाल बिछाया जिसमें वह फंस गया। पुलिस को उसके पास से एक स्क्रीमर भी मिला है। पूछताछ के दौरान उसने पुलिस को बताया कि उसने कार्ड क्लोन करना राहुल नाम के एक शख्स से सीखा।
इसके लिए आरोपी पंकज ग्राहकों के कार्ड दोबारा स्वैप करता था और उनके कार्ड के लास्ट के 4 डिजिट लिख लेता था और बैंक का नाम भी लिख लेता था। वह उन स्क्रीमर को जिसमें ग्राहकों के कार्ड की डिटेल होती थी राहुल को दे देता था। पुलिस ने बताया कि वह बड़े ही शातिर तरीके से क्लोन कार्ड का इस्तेमाल करते थे।
आरोपी उस क्लोन कार्ड का इस्तेमाल अगले एक महीने तक नहीं करते थे ताकि किसी को शक न हो कि उनका कार्ड रेस्त्रां से क्लोन किया गया है। पुलिस को इस वक्त राहुल की तलाश है और आरोपी अब तक कुल 375300 रुपए दूसरों के अकाउंट से ट्रांसफर कर चुके हैं।