अदालत ने अपने फैसले में आसिया अंद्राबी को दोषी ठहराया। उन पर भारत विरोधी और अलगाववादी गतिविधियों को बढ़ावा देने का आरोप था। यह मामला राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा हुआ था। अदालत ने सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद यह निर्णय लिया।
आसिया अंद्राबी को उनकी भूमिका के लिए आजीवन कारावास की सजा मिली है। इस फैसले को अलगाववादी तत्वों के खिलाफ एक कड़ी कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है। यह निर्णय देश की एकता और अखंडता बनाए रखने के प्रयासों का हिस्सा है। इस सज़ा के बाद आसिया अंद्राबी को अपना शेष जीवन जेल में बिताना होगा।
ये है आरोप
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने आरोप लगाया था कि आसिया ने घृणा फैलाने वाले भाषणों, साजिश और आतंकी गतिविधियों के जरिये देश के खिलाफ युद्ध छेड़ने की कोशिश की। उन्होंने अलगाववादी विचारधारा को बढ़ावा दिया व प्रतिबंधित संगठनों से संपर्क बनाए रखा। दुख्तरान-ए-मिल्लत भी यूएपीए के तहत प्रतिबंधित है। एनआईए ने अप्रैल, 2018 में मामला दर्ज किया था।