दिल्ली की एक अदालत ने आप विधायक नरेश बाल्यान को अपराध से जुड़े एक मामले में न्यायिक हिरासत में भेज दिया, जबकि पुलिस को उनकी आगे की रिमांड देने से इनकार कर दिया।
दिल्ली की एक अदालत ने शुक्रवार को आप विधायक नरेश बाल्यान को कथित संगठित अपराध से जुड़े एक मामले में न्यायिक हिरासत में भेज दिया, जबकि पुलिस को उनकी आगे की रिमांड देने से इनकार कर दिया। विशेष न्यायाधीश कावेरी बावेजा ने यह आदेश तब पारित किया, जब बाल्यान को मामले में पहले दी गई सात दिन की पुलिस हिरासत की अवधि समाप्त होने पर अदालत में पेश किया गया।
विज्ञापन
न्यायाधीश ने दिल्ली पुलिस की उस अर्जी को खारिज कर दिया, जिसमें महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (मकोका) के तहत दर्ज मामले में उसकी 10 दिन की अतिरिक्त हिरासत की मांग की गई थी। दिल्ली पुलिस का प्रतिनिधित्व कर रहे विशेष लोक अभियोजक अखंड प्रताप सिंह ने बाल्यान की आगे की पुलिस हिरासत की मांग करते हुए कहा कि मामले में बड़ी साजिश का पता लगाने के लिए उनसे पूछताछ की आवश्यकता है।
बाल्यान को मामले में पहले दी गई सात दिन की पुलिस हिरासत की अवधि समाप्त होने पर अदालत में पेश किया गया था। विधायक को कथित संगठित अपराध मामले में चार दिसंबर को गिरफ्तार किया गया था, जबकि एक अदालत ने पहले कथित जबरन वसूली मामले में उन्हें जमानत दे दी थी।