अदालत ने रोहिणी जेल में कोरोना संक्रमित पाए गए आरोपी के इलाज और उसकी वर्तमान स्थिति के बारे में जेल अधीक्षक से रिपोर्ट मांगी है। आरोपी ने कोविड19 संक्रमित होने के आधार पर अंतरिम जमानत की मांग की है। कोर्ट ने जेल अधीक्षक से पूछा कि इस कैदी को कहां रखा गया है। क्या वह जेल के आइसोलेशन वार्ड में है या किसी अस्पताल में है। कैदी की हालत के बारे में स्पष्ट जानकारी दी जाए।
तीस हजारी अदालत की अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश नीलोफर आबिदा परवीन ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से आरोपी हिमांशु की अंतरिम जमानत याचिका पर सुनवाई की। कोर्ट के समक्ष उसके वकील ने कहा कि उनका मुवक्किल 27 अप्रैल से न्यायिक हिरासत में रोहिणी जेल में बंद है और वह कोरोना पॉजिटिव है। उसे इलाज के लिए अंतरिम जमानत प्रदान की जाए।
वहीं अतिरिक्त लोक अभियोजक ने कोर्ट से कहा कि कैदी संक्रमित है और उसे क्वारंटीन करने की जरूरत है। ऐसे हालात में उसे अंतरिम जमानत नहीं दी जा सकती। वह पहाड़गंज के नबी करीम इलाके का निवासी है। यह इलाका वर्तमान में कोरोना हॉटस्पॉट है और सील है।
कोर्ट ने गौर किया कि उच्चाधिकार प्राप्त समिति को सूचित किया गया था कि रोहिणी जेल में एक कैदी कोरोना संक्रमित पाया गया, जिसे इलाज के लिए निर्धारित अस्पताल भेज दिया गया। जिस बैरक में यह कैदी था, वहां अन्य 19 कैदी भी थे। इन कैदियों की जांच में 15 कैदी और एक जेल कर्मी कोरोना संक्रमित पाया गया। इसलिए प्रत्येक जेल में एक आइसोलेशन वार्ड बनाया गया। इसके बाद कोर्ट ने रिपोर्ट तलब की।