राउज एवेन्यू कोर्ट ने बृहस्पतिवार को 36 करोड़ रुपये की संपत्ति की खरीद में कथित मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामले में आप विधायक अमानत उल्लाह खान के खिलाफ संज्ञान लेने से इनकार कर दिया। कोर्ट ने उन्हें एक लाख रुपये के मुचलके पर रिहा करने का निर्देश दिया। वहीं, ईडी ने खान की रिहाई को हाईकोर्ट में चुनौती दी है।
कोर्ट ने उन्हें एक लाख रुपये के मुचलके पर रिहा करने का निर्देश दिया। कोर्ट ने कहा कि उनके खिलाफ पर्याप्त सबूत हैं लेकिन उन पर मुकदमा चलाने की मंजूरी नहीं है और संज्ञान लेने से इनकार कर दिया। कोर्ट ने यह भी कहा कि मरियम सिद्दीकी के खिलाफ कोई सबूत नहीं है। उन्हें भी बरी किया जाता है।
राउज ऐवन्यू कोर्ट ने प्रवर्तन निदेशालय द्वारा दाखिल सप्लीमेंट्री चार्जशीट पर संज्ञान लेने से फिलहाल इनकार कर दिया है। कोर्ट ने कहा कि अमानतुल्लाह खान के खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए सेक्शन नहीं लिया गया है। जिसके बाद कोर्ट ने अमानतुल्लाह खान को जेल से रिहा करने का आदेश दिया। कोर्ट ने कहा कि अमानतुल्लाह खान के खिलाफ मामले में पर्याप्त सबूत हैं। कोर्ट ने कहा मामले में मरियम सिद्दीकी के खिलाफ भी कोई सबूत नहीं है। प्रवर्तन निदेशालय ने अमानतुल्लाह खान और मरियम सिद्दीकी के खिलाफ सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल की थी।
अमानतुल्लाह की जमानत के खिलाफ हाईकोर्ट पहुंची ईडी
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बृहस्पतिवार को दिल्ली वक्फ बोर्ड से संबधित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में आप विधायक अमानतुल्लाह खान को जमानत पर रिहा करने के ट्रायल कोर्ट के फैसले को चुनौती देते हुए दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। हाईकोर्ट ने सुनवाई सोमवार को तय कर दी। मामला दिल्ली वक्फ बोर्ड में अनियमितताओं से जुड़ी 36 करोड़ रुपये की संपत्ति की खरीद से संबंधित कथित मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा है।
ईडी ने 29 अक्टूबर को 110 पन्नों की पहली पूरक अभियोजन शिकायत (ईडी द्वारा आरोपपत्र के समकक्ष) दायर की थी, जिसमें दावा किया गया था कि खान ने दिल्ली वक्फ बोर्ड में कथित तौर पर भ्रष्टाचार के जरिये अर्जित धन को लूटा है।