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पहली बार सिख को दिल्ली कांग्रेस की कमान

Fri, 20 Dec 2013 11:23 AM IST
अमर उजाला, नई दिल्ली
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दिल्ली की गद्दी छिनने के बाद कांग्रेस ने प्रदेश की अगुवाई युवा हाथ में सौंप दी है। महज 45 साल की उम्र में प्रदेश की कमान चार बार के विधायक व पूर्व मंत्री अरविंदर सिंह लवली को सौंपी गई है।
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प्रदेश के 21वें अध्यक्ष बने अरविंदर सिंह लवली पहले सिख प्रदेश अध्यक्ष हैं। इन्हें प्रदेश अध्यक्ष के तौर पर सबसे लंबा (सवा छह साल) कार्यकाल पूरा करने वाले अध्यक्ष जेपी अग्रवाल की जगह मौका दिया गया है।

कांग्रेस सूत्रों के अनुसार कांग्रेस विरोधी हवा में चौथी बार जीते अरविंदर सिंह को अटैकिंग, फटाफट अंग्रेजी, युवा और अल्पसंख्यक नेता होने का फायदा मिला है।
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इतना ही नहीं इस बार जीते कांग्रेस के आठ विधायकों में छह अल्पसंख्यक हैं। चार मुस्लिम, दो सिख, एक अनुसूचित जाति व एक ओबीसी से हैं। कांग्रेस 1984 के दंगे के दाग से छूटे सिख मतदाताओं को मैसेज देना चाहती है। वहीं कांग्रेस विधायक दल का नेता विधायक हारून यूसुफ को बनाए जाने की चर्चा है।

प्रदेश अध्यक्ष के तौर पर कई नाम चलाए जाने के बावजूद अरविंदर सिंह को मौका देकर कांग्रेस ने जता दिया है कि जिताऊ को ही कांग्रेस हाथ पकड़ाएगी।

लवली के प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद पहली चुनौती आम आदमी पार्टी से निपटना है। आप सरकार बनाती है तो लोकसभा चुनाव तक विधानसभा चुनाव रोकना और फिर विधानसभा में कांग्रेस को कमबैक अरविंदर सिंह के लिए चुनौती होगी।

नए प्रदेश अध्यक्ष अरविंदर सिंह लवली को छात्र राजनीति, एनएसयूआई, युवक कांग्रेस, प्रदेश कांग्रेस के विभिन्न पदों पर काम करने का अनुभव है। राजनीति की शुरुआत खालसा कॉलेज में बतौर छात्र संघ अध्यक्ष की।
उसके बाद दिल्ली प्रदेश युवा कांग्रेस में 1990 में महासचिव और 1992 में ऑल इंडिया एनएसयूआई में महासचिव बने। पहली बार 1998 में 73 फीसदी मतों के साथ विधायक बने और दूसरी बार 2003 में विधायक बनने पर मंत्री बनाया गया।

घोषणा पत्र लागू करने की शर्त पर आप को समर्थन
दिल्ली प्रदेश कांग्रेस के नए अध्यक्ष अरविंदर सिंह लवली ने साफ किया है कि आम आदमी पार्टी (आप) को बिना शर्त नहीं बल्कि घोषणा पत्र लागू करने की शर्त पर समर्थन दिया है।

हमने ‘आप’ को नहीं बल्कि उसके घोषणा पत्र को समर्थन दिया है। बार-बार मीडिया में आ रहा है कि हमने बिना शर्त समर्थन दिया है। ऐसा नहीं है, शर्त घोषणा पत्र को लागू करने की है क्योंकि पार्टी ने जनता को उन्हीं घोषणा का भ्रम दिखाकर वोट लिया है।

अमर उजाला से बातचीत में अरविंदर सिंह ने कहा है कि कांग्रेस बड़ी पार्टी है। सीनियर्स हैं जिनका आशीर्वाद लेंगे तो युवा को प्राथमिकता से संगठन में जोड़ेंगे।
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