दिल्ली में ओल्ड राजेंद्र नगर हादसे के वीडियो ने उत्तराखंड, बिहार, राजस्थान तक धड़कनें बढ़ा दी हैं। छात्रों के घरवाले चिंतित हैं। कुछ परिजनों ने बच्चों को वापस घर बुला लिया है। इस घटना के बाद कई छात्र अपने घर लौट गए हैं।
राजेंद्र नगर स्थित राव स्टडी सेंटर में बेसमेंट में नाले व बारिश का पानी घुसने के बाद मृत छात्र-छात्राओं के शव पानी से बाहर निकालते एनडीआरएफ के जवानों वाला वीडियो रविवार तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। ये वीडियो जैसे ही राजधानी में परीक्षा की तैयारी के लिए बाहर राज्यों से आए बच्चों के अभिभावकों तक पहुंचा, उनकी धड़कनें बढ़ गईं।
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वह इतने चिंतित हो गए कि अपने बच्चों को घर वापस बुलाने के अलावा उन्हें और कुछ नहीं सूझा। इस घटना के बाद कई छात्र अपने घर लौट गए हैं। ये किसी न किसी कोचिंग संस्थान से सिविल सेवा, एसएससी, बैंकिंग आदि की तैयारी कर रहे थे। ज्यादातर संस्थानों में पढ़ रहे छात्र उत्तराखंड, बिहार, यूपी व राजस्थान से ताल्लुक रखते हैं।
दरअसल, छात्र मुखर्जी नगर, विजय नगर, राजेंद्र नगर, लक्ष्मी नगर जैसी जगहों में कमरा करके रहते हैं। बीते दिनों में बरसात की वजह से कई हादसे की घटनाएं सामने आईं। गुड़मंडी में रह रहे एक छात्र मोहित ने बताया कि उनका कमरा भूतल पर है। शुक्रवार को बारिश के बाद उनके यहां पानी भर गया था।
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इसकी जानकारी उन्होंने मकान मालिक के साथ साथ बिहार में अपने परिजनों को भी दी, जिसके बाद घरवाले चिंतित थे और उन्होंने मोहित को डबल स्टोरी विजय नगर में अपने दोस्त के यहां रहने के लिए कहा। इससे पहले करंट से हुई एक छात्र की मौत ने भी घरवालों की घबराहट बढ़ाई हुई थी। शनिवार को उन्होंने सोशल मीडिया पर राजेंद्र नगर के हादसे की वीडियो देखी। तबसे उनका सब्र और चिंता का बांध टूटा हुआ है और उन्होंने उसे वापस बिहार बुला लिया है।
राजस्थान में व्हाट्सएप देखकर पिता ने वापस बुलाया
जयपुर के रहने वाले दिलखुश मीणा ने बताया कि वह विजय नगर में रहकर डीयू से स्नातकोत्तर की पढ़ाई कर रहे हैं। घटना की शाम वह अपने दोस्त के यहां थे। इस दौरान उनके पापा की ओर से एक व्हाट्सएप मैसेज आया, जिसमें घटना के बाद हुए रेस्क्यू मिशन की वीडियो थी। पिता ने वीडियो देख धड़कनें बढ़ने की बात कही और बेटे को तुरंत घर लौटने के लिए कहा।
बेटी को कॉलेज छोड़ने आए थे, वापस ले गए
यूपी, बिहार, उत्तराखंड और हरियाणा से परिजन रविवार बच्चों को छोड़ने के लिए दिल्ली आए थे। छात्रों के कॉलेज एक अगस्त से खुलेंगे। हल्द्वानी से एक शख्स अपनी पत्नी और बेटी के साथ मुखर्जी नगर आए।
उन्होंने बताया कि बेटी अब सेकंड ईयर में जाएगी। लेकिन उनके सामने जिस तरह से घटना हुई है, उससे उन्हें बेटी को अकेले पीजी में छोड़ने का जी नहीं कर रहा है। वह अब बरसात के बाद उसे यहां भेजेंगे। अभी वह उसे वापस लेकर जा रहे हैं।