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दिल्ली में सीएम जनसुनवाई पोर्टल लॉन्च: 7000 केंद्रों पर 75 सरकारी सेवाएं, 30 रुपये फीस; एक एप से होगी शिकायत

Sat, 21 Feb 2026 06:09 PM IST
अनुज कुमार अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली

सार

CM Jansunwai Portal Delhi: दिल्ली के मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सचिवालय में सीएम जनसुनवाई पोर्टल-एप लॉन्च कर दिया है। अब एक ही एप पर 75 ई-डिस्ट्रिक्ट सेवाएं मिलेंगी और 30 रुपये की फीस होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि ये तकनीकी कदम सरकार-जनता की दूरी खत्म कर भ्रष्टाचार मुक्त सेवाएं सुनिश्चित करेंगे।
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सीएम जनसुनवाई एकीकृत पोर्टल-एप लॉन्च - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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दिल्ली में शनिवार को मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सचिवालय में कई अहम आईटी परियोजनाओं की शुरुआत की। इनमें सीएम जनसुनवाई पोर्टल व मोबाइल एप, कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) डिजिटल सेवा पोर्टल के जरिए ई-डिस्ट्रिक्ट सेवाएं और ईडब्ल्यूएस, डीजी, सीडब्ल्यूएसएन एडमिशन के लिए नया ऑनलाइन प्लेटफॉर्म लॉन्च किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इनका मकसद सरकारी सेवाओं को पारदर्शी, आसान और भ्रष्टाचार मुक्त बनाना है।

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कार्यक्रम में शिक्षा मंत्री आशीष सूद और आईटी मंत्री पंकज कुमार सिंह सहित वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि तकनीक के जरिए सरकार और जनता के बीच की दूरी खत्म की जा रही है। ये सिर्फ पोर्टल नहीं, सुशासन की दिशा में ठोस कदम हैं।

एक प्लेटफार्म पर सभी शिकायतें
सीएम जनसुनवाई पोर्टल को एकीकृत प्लेटफॉर्म के रूप में तैयार किया गया है। एमसीडी, डीडीए, दिल्ली पुलिस और दिल्ली सरकार के सभी विभागों से जुड़ी शिकायतें एक ही जगह दर्ज होंगी। शिकायत ऑनलाइन पोर्टल, मोबाइल एप, कॉल सेंटर (1902) या मुख्यमंत्री कार्यालय के माध्यम से की जा सकेगी। हर शिकायत को यूनिक रेफरेंस आईडी मिलेगी और एसएमएस से हर चरण की जानकारी दी जाएगी। सिस्टम में विभागों और अधिकारियों की पहले से मैपिंग है, ताकि शिकायत इधर-उधर न भटके। तीन स्तर, जन शिकायत समाधान अधिकारी (जेएसएसए), अपीलीय प्राधिकारी (एए) और अंतिम अपीलीय प्राधिकारी (एफएए) पर निगरानी होगी। यदि फीडबैक नकारात्मक हुआ तो मामला खुद-ब-खुद ऊपरी स्तर पर जाएगा।
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7,000 केंद्रों पर 75 सेवाएं, फीस सिर्फ 30 रुपये
डिजिटल डिवाइड कम करने के लिए ई-डिस्ट्रिक्ट सेवाओं को सीएससी नेटवर्क से जोड़ा गया है। राजधानी में 7,000 से ज्यादा सक्रिय सीएससी केंद्रों पर अब आय, जाति, निवास, जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र, सामाजिक कल्याण, खाद्य आपूर्ति, श्रम और शिक्षा विभाग की करीब 75 सेवाएं मिलेंगी। हर सेवा के लिए केवल 30 रुपये शुल्क तय किया गया है। सरकार का कहना है कि इससे निजी साइबर कैफे की मनमानी पर रोक लगेगी और लोगों को स्थानीय स्तर पर सस्ती सेवा मिलेगी।

ईडब्ल्यूएस एडमिशन में आएगी पारदर्शिता
ईडब्ल्यूएस, डीजी और सीडब्ल्यूएसएन श्रेणी के दाखिलों के लिए नया क्लाउड आधारित सुरक्षित प्लेटफॉर्म लागू किया गया है। आधार से पहचान सत्यापन, जन्म प्रमाणपत्र का डिजिटल वेरिफिकेशन और आय प्रमाणपत्र की ऑनलाइन जांच अनिवार्य होगी। सीट आवंटन स्वचालित प्रणाली से होगा और अभिभावकों को रियल टाइम अपडेट मिलेगा। सरकार का दावा है कि इससे डुप्लीकेसी, फर्जी फॉर्म और बिचौलियों पर रोक लगेगी।

संपत्तियों और परियोजनाओं की डिजिटल निगरानी
मुख्यमंत्री ने बताया कि पहली बार दिल्ली सरकार की सभी संपत्तियों का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करने के लिए एसेट मैनेजमेंट पोर्टल बनाया गया है। जमीन और भवनों की स्थिति, उपलब्धता और अतिक्रमण की जानकारी एक प्लेटफॉर्म पर होगी। सीएम प्रगति पोर्टल से सभी सरकारी परियोजनाओं की रियल टाइम मॉनिटरिंग होगी, फाइल कहां अटकी है, मंजूरी मिली या नहीं, देरी क्यों हो रही है, यह जानकारी सीधे मुख्यमंत्री स्तर तक पहुंचेगी।

सीएम जनसुनवाई पोर्टल कैसे करेगा काम
एक ही प्लेटफॉर्म पर एमसीडी, डीडीए, पुलिस व सभी विभागों की शिकायत
चार माध्यम: पोर्टल, मोबाइल ऐप, कॉल सेंटर 1902, ऑफलाइन
हर शिकायत को यूनिक आईडी और एसएमएस अपडेट

तीन स्तरीय निपटान प्रणाली
नकारात्मक फीडबैक पर स्वतः एस्केलेशन

क्या आसान होगा
अब शिकायत इधर-उधर ट्रांसफर नहीं होगी। नागरिक घर बैठे ट्रैक कर सकेंगे कि मामला किस अधिकारी के पास है और कब तक हल होगा।

ईडब्ल्यूएस, डीजी, सीडब्ल्यूएसएन एडमिशन प्लेटफॉर्म
आधार आधारित पहचान सत्यापन
जन्म व आय प्रमाणपत्र का डिजिटल वेरिफिकेशन
ऑनलाइन आवेदन और दस्तावेज अपलोड
सीट आवंटन स्वचालित सिस्टम से
रियल टाइम स्टेटस अपडेट

क्या आसान होगा
फर्जीवाड़ा और डुप्लीकेसी पर रोक। बिचौलियों की भूमिका खत्म। पात्र बच्चों को निष्पक्ष तरीके से निजी स्कूलों में दाखिला मिलेगा।

सीएससी के जरिए ई-डिस्ट्रिक्ट सेवाएं
7,000 से अधिक केंद्रों पर 75 सेवाएं
आय, जाति, निवास, जन्म-मृत्यु समेत कई प्रमाणपत्र
तय शुल्क: 30 रुपये
स्थानीय स्तर पर सेवा उपलब्ध

क्या आसान होगा
सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं। तय फीस से पारदर्शिता और आर्थिक शोषण पर रोक।

हम तकनीक के माध्यम से सरकार और जनता के बीच की दूरी खत्म कर रहे हैं। यह सिर्फ शिकायत सुनने की व्यवस्था नहीं, समय पर समाधान देने का सिस्टम है। इससे पारदर्शिता बढ़ेगी, जवाबदेही तय होगी और भ्रष्टाचार पर प्रभावी रोक लगेगी। - रेखा गुप्ता, मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री के नेतृत्व में हमारा लक्ष्य पूरी प्रवेश प्रक्रिया को पारदर्शी और सुरक्षित बनाना है। नया ईडब्ल्यूएस पोर्टल एनआईसी के सहयोग से तैयार किया गया है। आधार लिंकिंग और डिजिटल वेरिफिकेशन से डुप्लीकेसी और अनियमितता रुकेगी। - आशीष सूद, शिक्षा मंत्री

राजधानी डिजिटल सुशासन की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है। सीएम जनसुनवाई पोर्टल से नागरिक ऑनलाइन शिकायत दर्ज कर उसकी स्थिति ट्रैक कर सकेंगे। 200 से अधिक विभागों में ई-ऑफिस से काम पेपरलेस हो रहा है। जल्द ही व्हाट्सऐप आधारित सेवा भी शुरू होगी, जिससे लोग चैट के माध्यम से जानकारी और सेवाएं ले सकेंगे। - डॉ. पंकज कुमार सिंह, आईटी मंत्री

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