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Delhi CM Oath Ceremony: 21 को आतिशी का शपथ ग्रहण समारोह, पांच कैबिनेट मंत्री भी लेंगे शपथ; एक नया नाम शामिल

Thu, 19 Sep 2024 01:27 PM IST
विजय पुंडीर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

दिल्ली के मुख्यमंत्री पद से अरविंद केजरीवाल के इस्तीफे के बाद सीएम बनने जा रहीं आतिशी 21 सितंबर को शपथ लेंगी। इसी दिन उनकी पूरा मंत्रिमंडल भी शपथ लेगा। 
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Delhi CM Oath Ceremony - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आतिशी 21 सितंबर को दिल्ली की मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगी। उनके साथ अन्य मंत्री भी शपथ लेंगे। अरविंद केजरीवाल ने बीते मंगलवार की शाम को एलजी को अपना इस्तीफा सौंपा था और आतिशी ने सरकार बनाने का दावा पेश किया था। आतिशी की कैबिनेट में केजरीवाल सरकार के सभी चारों मंत्रियों को दुबारा से मंत्रीपद दिया जा रहा है। वहीं, अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित सीट का प्रतिनिधित्व करने वाले मुकेश अहलावत नया चेहरा होंगे। कैबिनेट में अभी भी एक स्थान खाली है। पार्टी में इसके लिए मंथन चल रहा है। संभावना है कि शपथ ग्रहण से पहले इस पद के लिए नाम का भी कर दिया जाए।

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आतिशी के साथ शपथ कैबिनेट मंत्री लेंगे। दिल्ली में गोपाल राय, कैलाश गहलोत, सौरभ भारद्वाज और इमरान हुसैन कैबिनेट मंत्री की शपथ लेंगे। मुकेश अहलावत भी कैबिनेट मंत्री की शपथ लेंगे। दिल्ली को एक नया कैबिनेट मंत्री मिलेगा। मुकेश अहलावत सुल्तानपुरी से विधायक हैं। यह अनुसूचित जाति वर्ग से आते हैं। यह राजकुमार आनंद की जगह लेंगे। बता दें कि दिल्ली सरकार में मुख्यमंत्री सहित कुल छह मंत्री होते हैं। अभी पांच मंत्री शपथ लेंगे मुख्यमंत्री के साथ। एक मंत्री की जगह अभी खाली है जो आतिशी की जगह पर बनेंगे।

आतिशी के नेतृत्व में बनने वाली नई सरकार में गोपाल राय, कैलाश गहलोत, सौरभ भारद्वाज और इमरान हुसैन मंत्री होंगे। चारों मंत्री केजरीवाल कैबिनेट का भी हिस्सा रहे हैं। सभी को उनके काम का इनाम दिया गया है। आप व आतिशी ने इसमें कोई छेड़छाड़ नहीं की है। वहीं, सुल्तानपुरी से विधायक मुकेश अहलावत उनकी कैबिनेट में नया चेहरा होंगे। पहली बार विधायक बने मुकेश सरकार में अनुसूचित जाति का प्रतिनिधित्व करेंगे। केजरीवाल कैबिनेट में राजकुमार आनंद इसी श्रेणी से आते थे।
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मंगलवार को अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने से पहले अपने उत्तराधिकारी के तौर पर आतिशी को चुना। मंगलवार शाम राजनिवास पहुंचे केजरीवाल ने केजरीवाल ने एलजी का सौंपा। साथ में आतिशी ने नई सरकार बनाने का दावा पेश किया। उपराज्यपाल ने दोनों प्रस्तावों को बुधवार मंजूरी के लिए राष्ट्रपति को भेज दिया। इसमें 21 सितंबर को आतिशी को शपथ दिलाने का प्रस्ताव भी एलजी ने राष्ट्रपति को दी। यह फाइल केंद्रीय गृह मंत्रालय को भी भेजी गई।

राष्ट्रपति से मंजूरी मिलने के बाद आतिशी शनिवार को दिल्ली की मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ लेंगी। राज निवास सूत्रों के अनुसार, एलजी ने स्वेच्छा से शपथ दिलाने की तारीख तय की है। इसके लिए अरविंद केजरीवाल व आतिशी ने उनको कोई सुझाव नहीं दिया था।

तकनीकी रूप से मुख्यमंत्री के इस्तीफा देने पर पूरा मंत्रिमंडल भंग माना जाता है। इस वजह से आतिशी के साथ ही उनका पूरा मंत्रिमंडल शपथ लेगा। दिल्ली में गोपाल राय, कैलाश गहलोत, सौरभ भारद्वाज और इमरान हुसैन कैबिनेट मंत्री की शपथ लेंगे। मुकेश अहलावत भी कैबिनेट मंत्री की शपथ लेंगे। दिल्ली को एक नया कैबिनेट मंत्री मिलेगा।

चेहरों की पहचान

आतिशी : अरविंद केजरीवाल की जगह ले रही दिल्ली की शिक्षा मंत्री आतिशी आम आदमी पार्टी की वरिष्ठ नेता है। साल 2020 में पहली बार कालका जी से चुनाव जीत कर विधानसभा में पहुंची थी। इससे पहले वह 2019 में पूर्वी दिल्ली से लोकसभा चुनाव लड़ चुकी है। आतिशी ने सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में सार्वजनिक जीवन की शुरुआत की। बाद उन्होंने आम आदमी पार्टी से अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत की। केजरीवाल की सरकार में आतिशी शिक्षा विभाग के साथ-साथ पीडब्ल्यूडी, संस्कृति और पर्यटन मंत्री के रूप में काम कर रही हैं। आतिशी को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का खास माना जाता है।

गोपाल राय : अन्ना आंदोलन से जुड़े गोपाल राय आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता है। मौजूदा समय में वह आम आदमी पार्टी के दिल्ली संयोजक पार्टी के साथ राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य हैं। वह केजरीवाल सरकार में 2015 से मंत्री हैं। उन्हें सरकार में कई बड़े पद दिए गए हैं।

कैलाश गहलोत : जाट बहुल क्षेत्र नजफगढ़ से आने वाले कैलाश गहलोत केजरीवाल सरकार में पिछले दो बाद से मंत्री हैं। यह अरविंद केजरीवाल के खास माने जाते हैं। उनके पास सरकार में कई महत्वपूर्ण विभाग दिए गए हैं।

सौरभ भारद्वाज : दिल्ली में आम आदमी पार्टी की पहली बार साल 2013 में बनी सरकार में सौरभ भारद्वाज मंत्री बने थे। हालांकि दूसरी सरकार में उन्हें जगह नहीं मिली। सत्येंद्र जैन और मनीष सिसोदिया के जेल जाने के बाद केजरीवाल ने उन पर भरोसा जताते हुए फिर से एक बार मंत्री बनाया।
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इमरान हुसैन : इमरान हुसैन ने 2015 के दिल्ली विधानसभा चुनाव में अपने चुनावी सफर की शुरुआत की। केजरीवाल सरकार में उन्हें खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति, पर्यावरण एवं वन मंत्री का पद मिला। माना जाता है कि वह केजरीवाल की पहली पसंद हैं।

मुकेश अहलावत : सुल्तानपुर माजरा से पहली बार चुनाव जीत कर आए मुकेश अहलावत पार्टी में अनुसूचित जाति का चेहरा होंगे। आप ने पहली बार 2020 में उन्हें विधानसभा चुनाव में टिकट दिया और वह जीतकर आए। उन्होंने 48,042 वोटों से यह चुनाव जीता थाा। इस सीट पर पहले संदीप कुमार विधायक थे। संदीप का नाम विवादों में आने से मंत्रिपद से हटा दिया गया था। वहीं, 2020 के विधान सभा चुनाव में पार्टी में उनको टिकट भी नहीं दिया। संदीप की जगह आप नेतृत्व ने मुकेश पर भरोसा जताया और भरोसे का खरा उतरते हुए वह विधान सभा तक पहुंचने में कामयाब रहे। अब इनको पहली बार मंत्री बनाया जा रहा है।

पहली कैबिनेट में महिला सम्मान योजना
आम आदमी पार्टी से विधायक दल की नेता चुनी गईं आतिशी के नेतृत्व में बन रही दिल्ली सरकार की पहली कैबिनेट में दिल्ली मुख्यमंत्री महिला सम्मान योजना पास हो सकती है। संभावना जताई जा रही है कि अक्तूबर के पहले सप्ताह नई सरकार की पहली कैबिनेट की बैठक होनी है। इस बैठक में कई विषयों पर चर्चा होगी। इसमें प्रमुखता के साथ दिल्ली मुख्यमंत्री महिला सम्मान योजना पर चर्चा होगी। इस योजना के लिए दिल्ली सरकार ने बजट में दो हजार करोड़ रुपये की व्यवस्था की है। इस योजना के तहत दिल्ली में 18 साल से अधिक उम्र की हर महिला को प्रति माह एक हजार रुपये देने का लक्ष्य है। हालांकि नौकरीपेशा या आर्थिक लाभ अर्जित कर रही महिला को इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा। इसके अलावा दिल्ली जल बोर्ड की बिल माफी योजना सहित अन्य जनहित से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होगी। 

10 साल बाद मुख्यमंत्री के पास हो सकता है विभाग
आप सरकार में 10 साल बाद मुख्यमंत्री के पास कोई विभाग हो सकता है। उम्मीद की जा रही है कि मुख्यमंत्री बनने के बाद आतिशी शिक्षा, लोक निर्माण विभाग सहित महत्वपूर्ण विभागों को अपने पास रखेंगी जबकि इससे पहले मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने अपने पास कोई विभाग नहीं रखा था। हालांकि कुछ समय के लिए जल विभाग को देखा था, लेकिन एक समय के बाद उस विभाग को भी छोड़ दिया था। 
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