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गुड न्यूज: सात महीने बाद बस मार्शलों की हुई वापसी, CM आतिशी ने पक्की नौकरी पर दिया बड़ा अपडेट

Sat, 09 Nov 2024 04:11 PM IST
अनुज कुमार अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली

सार

राजधानी दिल्ली में प्रदूषण की रोकथाम के लिए सड़कों पर 10 हजार बस मार्शलों को उतारा जाएगा। एक सप्ताह के भीतर मार्शल और सिविल डिफेंस वॉलंटियर्स ऑन-ड्यूटी होंगे। प्रदूषण के खिलाफ युद्ध में अगले 4 महीने बस मार्शल अहम भूमिका निभाएंगे।
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दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी - फोटो : X/AAP
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विस्तार
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राजधानी में बढ़ते वायु प्रदूषण की रोकथाम को लेकर दिल्ली सरकार सख्त है। इसी कड़ी में सरकार ने प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए 10 हजार बस मार्शल और सिविल डिफेंस वॉलंटियर्स की तैनात को मंजूरी दी है। एक सप्ताह के भीतर यह सभी ऑन-ड्यूटी हो जाएंगे। यह प्रदूषण के हॉटस्पॉट्स की निगरानी से लेकर ओपन बर्निंग को रोकने और शिकायतों के फॉलो-अप में अपनी भागीदारी देंगे। सोमवार से बस मार्शलों की नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू होगी। साथ ही, दिल्ली सरकार जल्द बस मार्शलों की स्थायी नियुक्ति का प्रस्ताव उपराज्यपाल वीके सक्सेना को भेजेगी।

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सीएम आतिशी ने भाजपा को घेरा
शनिवार को मुख्यमंत्री आतिशी ने कहा कि प्रदूषण के खिलाफ अगले 4 महीने बस मार्शल अहम भूमिका निभाएंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा चाहे जितना षड्यंत्र रचे, आप के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल के मार्गदर्शन में ऐसे ही दिल्लीवासियों की हर समस्या का समाधान जरूर निकालेंगे। 

भाजपा ने बस मार्शलों का वेतन रोका: आतिशी
आतिशी ने कहा, दिल्ली में बसों में महिलाओं को सुरक्षा देने के लिए 2017-18 में सरकार ने मार्शल तैनात किए थे। बसों में इन मार्शलों की नियुक्ति से महिलाओं, बुजुर्गों, बच्चों को जो सुरक्षा मिली इसका कई प्रमाण दिल्लीवालों ने देखा। उन्होंने दावा किया कि मार्शलों ने बस में महिलाओं के साथ होने वाली बदतमीजी को रोका, किसी बच्चे के अपहरण होने के प्रयास को रोका, बुजुर्गों की मदद की है। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा ने षड्यंत्र रचकर अपने अधिकारी के माध्यम से अप्रैल 2023 से इन बस मार्शलों की तनख्वाह रोक दी।
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10 हजार युवा बेरोजगार हो गए : आतिशी
उन्होंने दावा करते हुए कहा, इससे एक तरफ बसों में महिलाएं असुरक्षित हुई और दूसरी तरफ 10 हजार से अधिक परिवार के युवा बेरोजगार हो गए। केजरीवाल ने बार-बार कहा कि इन बस मार्शलों को वापिस रखा जाए। उन्होंने प्रण लिया कि चाहे जितना भी संघर्ष करना पड़े, लेकिन इन बस मार्शलों को वापिस रोजगार दिलाएंगे। उन्होंने कहा कि, आखिरकार इस संघर्ष के सामने भाजपा को झुकना पड़ा और बस मार्शलों की दोबारा नियुक्ति के लिए तैयार होना पड़ा।
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