अरविंद केजरीवाल सरकार ने लॉकडाउन के कारण परेशान हो रहे मजदूरों की सहायता के लिए बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने 52.88 करोड़ रुपये की सहायता राशि जारी कर हर मजदूर के खाते में पांच-पांच हजार रुपये की नकद सहायता राशि देने का निर्णय लिया है।
अनुमान है कि सरकार के इस निर्णय से 2,10,684 निर्माण श्रमिकों को लाभ होगा। सरकार की ओर से अब तक 1,05,750 श्रमिकों के बैंक खातों में 52.88 करोड़ रुपयों की सहायता राशि दी जा चुकी है, बाकी अन्य को भी आने वाले दिनों में ये सहायता राशि भेज दी जाएगी।
सरकार ने इसके पहले यानी कोरोना-1 के चरण में भी इसी तरह लाखों निर्माण श्रमिकों को आर्थिक और सूखा राशन और तैयार राशन की सहायता उपलब्ध कराई थी। इस साल भी मजदूरों को भोजन की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। गुरुवार शाम तक इन फूड डिस्ट्रीब्यूशन सेंटरों में लगभग 7000 फूड पैकेट्स बांटे गए हैं।
दिल्ली सरकार एक हेल्पलाइन भी बनाने जा रही है, जहां फोन कर श्रमिक भोजन दे रहे सेंटरों के बारे में जानकारी ले सकेंगे। जिन श्रमिकों का कहीं रजिस्ट्रेशन नहीं हुआ है, वे भी बिना किसी पंजीकरण के भोजन की सहायता प्राप्त कर सकेंगे, जबकि नकदी सहयता के लिए उन्हें सरकार की वेबसाइट पर रजिस्ट्रेशन करना होगा।