केजरीवाल ने कहा कि अंग्रेज सारा धन लूटकर ब्रिटेन ले जाते थे। आज दिल्लीवालों से 1,30,000 करोड़ का टैक्स लेकर केंद्र सरकार बदले में सिर्फ 325 करोड़ रुपये देती है। दिल्लीवाले सारा पैसा नहीं मांगते, लेकिन 30 फीसदी हिस्सा तो मिलना ही चाहिए। केजरीवाल ने दावा किया कि इतना पैसा मिल जाए तो वे हर दिल्लीवासी को घर व नौकरी मुहैया कराएंगे। एक साथ 100 कॉलेज खोल दिए जाएंगे। हमें उपराज्यपाल का राज खत्म करके स्वराज कायम करना है। ‘अंग्रेजों भारत छोड़ो’ की तर्ज पर उपराज्यपाल साहब दिल्ली छोड़ो का आंदोलन चलाना है।
पूर्ण राज्य दर्जा मिले तो मोदी का प्रचार
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री ने अपनी चुनावी सभाओं में वायदा किया था कि दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा दिलाएंगे। वह अपने वायदे को पूरा करते हैं तो आम आदमी पार्टी लोकसभा चुनाव में उनका प्रचार करेगी। दिल्ली को पूर्ण राज्य दर्जा नहीं मिला तो हर घर पर ‘भाजपा दिल्ली छोड़ो’ का नारा लिखा होगा।
सीसीटीवी का भी उठाया मुद्दा
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि दिल्लीवाले सीसीटीवी लगवाने को कहते हैं, लेकिन उपराज्यपाल मना कर देते हैं। इसी तरह दिल्लीवालों को दवा, स्कूल, अच्छी सड़क, बिजली, पानी, जनलोकपाल चाहिए, लेकिन एलजी कुछ भी लेने नहीं देते। उन्होंने सवाल किया कि उनकी बेटी के साथ कल को कुछ हो जाए तो वह किसके पास जाएं। प्रधानमंत्री, गृह मंत्री, उपराज्यपाल से मुलाकात होगी ही नहीं। दिल्लीवालों को सुरक्षा के लिये स्ट्रीट लाइट चाहिए, लेकिन उपराज्यपाल लगाने नहीं देंगे।
सरकारी संकल्प ध्वनि मत से पास
उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने 6 जून को विधानसभा में दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा दिलाने के लिए प्रस्ताव पेश किया था। चर्चा के बाद सदन में सरकारी संकल्प ध्वनि मत से पास हो गया। इसके साथ ही विधानसभा को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया।