दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने रविवार को पंजाब में जहरीली शराब त्रासदी की सीबीआई जांच की मांग की है। पंजाब में जहरीली शराब पीने से अब तक 86 लोगों की मौत हो चुकी है।
केजरीवाल ने दावा किया कि स्थानीय पुलिस ने पिछले कुछ महीने में अवैध शराब से जुड़ा कोई भी मामला हल नहीं किया है। मालूम हो कि पंजाब में केजरीवाल की आम आदमी पार्टी विपक्ष में है।
उन्होंने ट्वीट किया कि पंजाब में अवैध शराब पीने के कारण लोगों की मौत से दुखी हूं। राज्य सरकार को ऐसे माफियाओं पर लगाम लगाने के लिए फौरन कदम उठाने की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि यह मामला फौरन सीबीआई को सौंपा जाना चाहिए क्योंकि स्थानीय पुलिस ने पिछले कुछ महीनों से अवैध शराब का कोई भी मामला हल नहीं किया है।
जहरीली शराब पीने से अब तक जा चुकी है 86 लोगों की जान
मालूम हो कि पंजाब में जहरीली शराब पीने से तीन जिलों तरनतारन, अमृतसर ग्रामीण और गुरदासपुर में अब तक 86 लोगों की जान जा चुकी है। मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने मृतकों के परिवारों को 2-2 लाख रुपये एक्स-ग्रेशिया मुआवजा देने का ऐलान किया है।
जहीरीली शराब से शुक्रवार को 48 लोगों की जान गई थी, जबकि शनिवार को 38 और लोगों ने दम तोड़ दिया। तरनतारन में जहरीली शराब से 63 लोगों की मौत हुई है। यहां शुक्रवार को 30 लोगों की जान गई थी, शनिवार को 33 और ने दम तोड़ दिया।
अमृतसर ग्रामीण में शुक्रवार को 10 और शनिवार को दो लोगों की मौत हुई। इसी तरह गुरदासपुर (बटाला) में शुक्रवार को आठ और शनिवार को तीन लोगों की मौतें हुई हैं।
कैप्टन ने दी सख्त कार्रवाई की चेतावनी
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस मामले में किसी भी सरकारी कर्मचारी या अन्य की मिलीभगत सामने आने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने नकली शराब बनाने और बेचने से रोकने में पुलिस और आबकारी विभाग की नाकामी को शर्मनाक करार दिया।
उन्होंने कहा कि किसी को भी हमारे लोगों को जहर पिलाने की हरगिज इजाजत नहीं दी जाएगी। इस मामले में शामिल सभी लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का संकल्प दोहराते हुए मुख्यमंत्री ने चेतावनी दी कि जो भी नकली शराब बेचने के धंधे में शामिल हैं, वे तुरंत बंद कर दें या फिर गंभीर नतीजे भुगतने के लिए तैयार रहें।