amanatullah khan and prakash jarwal
- फोटो : himanshu soni
1. मुख्यमंत्री आवास में कॉन्फ्रेंस रूम होने के बावजूद मीटिंग ड्राइंग रूम में बुलाई गई, जहां पर 15 लोगों के बैठके की भी व्यवस्था नहीं थी और अलग से कुर्सियां लगाकर वहां पर लोगों को बैठाया गया। उन्होंने कहा कि इससे साफ होता है कि जानबूझकर कांफ्रेंस रूम में बैठक नहीं की गई क्योंकि वहां सीसीटीवी कैमरे लगे थे, जबकि ड्राइंग रूम में कोई कैमरा नहीं था।
2. मुख्यमंत्री के सलाहकार वी.के जैन ने अपने बयान में साफ कर दिया कि वह जब बाथरूम से बाहर निकले तो मुख्य सचिव को प्रकाश जरवाल और अमानतुल्लाह ने घेर रखा था और उनसेमारपीट की जा रही थी, इस कारण उनका चश्मा भी फर्श पर गिर गया था। इससे साफ है कि मारपीट की गई।
3. मुख्यमंत्री आवास से बरामद सीसीटीवी फुटेज और घटना के समय की फुटेज में करीब आधे घंटे से ज्यादा का अंतर मिला है, जिससे साफ है कि आरोपियों को बचाने के लिए सीसीटीवी कैमरों से छेड़छाड़ भी की गई।
4. 19 फरवरी की देर रात हुई इस घटना के बाद उत्तम नगर के विधायक नरेश बालियान द्वारा मुख्यमंत्री की उपस्थिति में अधिकारियों को ठोकने के बयान को आधार बनाते हुए अभियोजन पक्ष ने विधायकों की अधिकारियों के प्रति हिंसक मंशा को दिखाया।
5. आरोपी के खिलाफ पहले से पांच आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें से 3 अंडरट्रायल हैं, इससे साफ है कि आरोपी विधायक आपराधिक प्रवृत्ति का शख्स है, जो पहले भी कई सरकारी अधिकारियों के साथ बदसलूकी कर चुका है।