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AAP विधायकों ने पहले से रची थी मुख्य सचिव से मारपीट की साजिश, ये हैं 5 तर्क

Tue, 27 Feb 2018 10:04 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
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prakash jarwal - फोटो : himanshu soni
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मुख्य सचिव अंशु प्रकाश से मारपीट करने का षड्यंत्र पहले से ही रच लिया गया था। यही कारण है कि देर रात बेवक्त बुलाई गई मीटिंग उस कमरे में की गई, जहां न तो सीसीटीवी कैमरे लगे थे और न ही लोगों के बैठने की समुचित व्यवस्था थी।

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इतना ही नहीं मुख्यमंत्री निवास से बरामद सीसीटीवी कैमरे की फुटेज से भी छेड़छाड़ की गई है। अभियोजन पक्ष ने इस मामले में आरोपी विधायक प्रकाश जरवाल की जमानत अर्जी का विरोध करते हुए यह तर्क रखा।

इतना ही नहीं उन्होंने आम आदमी पार्टी के विधायक नरेश बालियान द्वारा अधिकारियों को ठोकने संबंधी बयान का हवाला देते हुए कहा कि इससे स्पष्ट होता है कि मुख्य सचिव के साथ मारपीट हुई।
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वहीं दूसरी ओर बचाव पक्ष ने आरोपी की हाल ही में हुई शादी का हवाला देते हुए जमानत प्रदान करने का आग्रह किया, फिलहाल अदालत ने जरवाल की जमानत अर्जी पर अपना फैसला आज तक के लिए सुरक्षित रख लिया है।

इस दौरान इस मामले से जुड़े दूसरे आरोपी विधायक अमानतुल्लाह खान की जमानत याचिका पर सुनवाई नहीं हुई। तीस हजारी अदालत की विशेष सीबीआई न्यायधीश अंजू बजाज चांदना के समक्ष अभियोजन पक्ष ने सोमवार को आम आदमी पार्टी के विधायक प्रकाश जरवाल की जमानत याचिका का विरोध किया। अभियोजन पक्ष के वकील अतुल कुमार श्रीवास्तव ने दलीलें पेश कीं।

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ये हैं अभियोजन पक्ष के 5 तर्क

amanatullah khan and prakash jarwal - फोटो : himanshu soni
1. मुख्यमंत्री आवास में कॉन्फ्रेंस रूम होने के बावजूद मीटिंग ड्राइंग रूम में बुलाई गई, जहां पर 15 लोगों के बैठके की भी व्यवस्था नहीं थी और अलग से कुर्सियां लगाकर वहां पर लोगों को बैठाया गया। उन्होंने कहा कि इससे साफ होता है कि जानबूझकर कांफ्रेंस रूम में बैठक नहीं की गई क्योंकि वहां सीसीटीवी कैमरे लगे थे, जबकि ड्राइंग रूम में कोई कैमरा नहीं था।

2. मुख्यमंत्री के सलाहकार वी.के जैन ने अपने बयान में साफ कर दिया कि वह जब बाथरूम से बाहर निकले तो मुख्य सचिव को प्रकाश जरवाल और अमानतुल्लाह ने घेर रखा था और उनसेमारपीट की जा रही थी, इस कारण उनका चश्मा भी फर्श पर गिर गया था। इससे साफ है कि मारपीट की गई।

3. मुख्यमंत्री आवास से बरामद सीसीटीवी फुटेज और घटना के समय की फुटेज में करीब आधे घंटे से ज्यादा का अंतर मिला है, जिससे साफ है कि आरोपियों को बचाने के लिए सीसीटीवी कैमरों से छेड़छाड़ भी की गई।

4. 19 फरवरी की देर रात हुई इस घटना के बाद उत्तम नगर के विधायक नरेश बालियान द्वारा मुख्यमंत्री की उपस्थिति में अधिकारियों को ठोकने के बयान को आधार बनाते हुए अभियोजन पक्ष ने विधायकों की अधिकारियों के प्रति हिंसक मंशा को दिखाया।

5. आरोपी के खिलाफ पहले से पांच आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें से 3 अंडरट्रायल हैं, इससे साफ है कि आरोपी विधायक आपराधिक प्रवृत्ति का शख्स है, जो पहले भी कई सरकारी अधिकारियों के साथ बदसलूकी कर चुका है।
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