जेएनयू में हंगामा जारी है। जेएनयू के छात्रों ने कुलपति के कथित जातिवादी बयानों के विरोध में और यूजीसी नियमों को लागू करने की मांग को लेकर कल हुए प्रदर्शन के बाद जेएनयू के छात्रों को हिरासत में लेने और गिरफ्तार करने के लिए दिल्ली पुलिस के खिलाफ पुतला जलाया। भारी सुरक्षा तैनात की गई थी। जातिवादी और नस्लवादी टिप्पणियों के विरोध में जेएनयू के छात्रों ने कुलपति का पुतला जलाया।
जेएनयू के एक छात्र ने कहा कि कल जेएनयू के छात्रों ने कुलपति की जातिवादी टिप्पणी के विरोध में शिक्षा मंत्रालय तक मार्च निकालने का फैसला किया, जिसमें 500 से 600 छात्र इकट्ठा हुए। दिल्ली पुलिस ने हमें कैंपस से बाहर नहीं निकलने दिया। छात्रों के लिए 500-600 पुलिसकर्मी, सीआरपीएफ, आरएएफ, सरकार किस बात से इतनी डरी हुई है? हममें से लगभग 52 लोगों को गिरफ्तार किया गया। 14-15 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। जेएनयू के छात्र उनकी रिहाई के लिए फिर से इकट्ठा हुए हैं। उन्हें जमानत मिल चुकी है, फिर भी पुलिस जानबूझकर उनकी रिहाई में देरी कर रही है।
जेएनयू में बृहस्पतिवार शाम हुए हिंसात्मक प्रदर्शन में 14 प्रदर्शनकारी छात्रों को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार छात्रों में जेएनयू छात्र संघ (जेएनयूएसयू) की अध्यक्ष अदिति मिश्रा, उपाध्यक्ष गोपिका बाबू, पूर्व अध्यक्ष नीतीश कुमार और संयुक्त सचिव दानिश अली सहित अन्य शामिल हैं। जेएनयू हिंसा के सबूत के तौर पर काफी वीडियो सामने आए हैं। इनमें छात्र पुलिस को थप्पड़ मारते हुए, डंडा फेंकते नजर और मारपीट करते हुए नजर आ रहे हैं। यह कार्रवाई उन वीडियो साक्ष्यों के आधार पर की गई है, जिनमें छात्र पुलिसकर्मियों और सुरक्षाबलों के साथ हिंसक व्यवहार करते नजर आ रहे हैं। हालांकि इन लोगों को जमानत दे दी गई है और मगर उनका बेल बांड वेरीफाई करने के लिए बोला है। तब तक आरोपी छात्र जेल में रहेंगे।
दक्षिण-पश्चिमी जिला पुलिस उपायुक्त अमित गोयल ने बताया कि वसंत कुंज उत्तर थाने में प्राथमिकी दर्ज है। जेएनयूएसयू के सदस्य परिसर के साबरमती टी-पॉइंट पर एकत्र होकर शिक्षा मंत्रालय की ओर मार्च करने का प्रयास कर रहे थे, जिसके बाद ये गिरफ्तारियां की गईं। यह प्रदर्शन जेएनयू की कुलपति शांतिश्री धूलिपुड़ी पंडित द्वारा एक पॉडकास्ट में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के नियमों के क्रियान्वयन, जेएनयूएसयू पदाधिकारियों के निष्कासन और प्रस्तावित रोहित अधिनियम को लेकर की गई हालिया टिप्पणियों के विरोध में जारी आंदोलन का हिस्सा था। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को विश्वविद्यालय गेट पर रोक दिया, जिससे झड़प हो गई।
बृहस्पतिवार शाम कुल 51 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया, जिनमें मिश्रा और कुमार भी शामिल थे। दिल्ली पुलिस का दावा कि झड़प के दौरान कुछ छात्रों ने पुलिसकर्मियों के साथ हाथापाई की, जिससे 50 से ज्यादा पुलिसकर्मी घायल हो गए। एसीपी वसंतकुंज वेद प्रकाश भी घायल हुए हैं। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। एक महिला सिपाही का कान फट गया। वहीं, छात्र संघ ने बयान जारी कर पूरे विश्वविद्यालय में हड़ताल का आह्वान किया और मार्च के दौरान पुलिस की कथित ज्यादती के आरोप दोहराए। जेएनयूएसयू ने हिरासत में लिए गए सभी लोगों की तत्काल और बिना शर्त रिहाई, कुलपति के इस्तीफे, आंबेडकर की तस्वीर के कथित अपमान के लिए जिम्मेदार पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई तथा छात्र कार्यकर्ताओं के खिलाफ प्रॉक्टर की तरफ से की गई कार्रवाई और दर्ज प्राथमिकी वापस लेने की मांग की है।
दीवार पर चढ़कर छात्रों को उकसाया
आरोप है की वीडियो में जेएनयूएसयू से जुड़े छात्र स्टूडेंट्स को पुलिस के खिलाफ इक्ट्ठा करते, पुलिस को थप्पड़ मारते और सुरक्षाकर्मियों के साथ गाली-गलौज और डंडा फेंकते नजर आ रहे हैं। सोशल मीडिया और जांच के दायरे में आए वीडियो में प्रदर्शनकारी छात्र कानून-व्यवस्था को हाथ में लेते दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में हंगामे देखा जा सकता है। वीडियो में श्रेय नाम का छात्र पुलिसकर्मी को थप्पड़ मारता हुआ दिख रहा है। पीएचडी छात्र नीतीश कुमार जेएनयू की दीवार पर चढ़कर छात्रों को उकसाता नजर आ रहा है। छात्र कैंपस के बाहर तैनात सुरक्षाकर्मियों को गालियां देते और आरएएफ के जवानों पर डंडे फेंकते हुए दिख रहे हैं।
बेल बांड वेरीफाई
दिल्ली पुलिस अधिकारियों के अनुसार अदालत ने आरोपियों को जमानत दे दी है और मगर उनका बेल बांड वेरीफाई करने के लिए बोला है। तब तक आरोपी छात्र जेल में रहेंगे। बांड वेरीफाई करने के बाद ही उन्हें छोड़ जाएगा। पुलिस आरोपी छात्रों की तलाश कर रही हैं।