लॉकडाउन में बसों में सफर करन की यात्रियों को इजाजत तो मिल गई है, लेकिन इसके लिए जरूरी है कि उनके शरीर का तापमान 100 डिग्री फारेनहाइट से कम हो। डीटीसी और क्लस्टर बसों में सफर करने वाले यात्रियों को बस में प्रवेश करने से पहले थर्मल स्क्रीनिंग से गुजरना पड़ रहा है।
हालांकि चुनिंदा बस स्टॉप पर ही इसकी सुविधा होने से संक्रमण से पूरी तरह से बचाव अभी भी नहीं हो रहा है। डीटीसी बसों के मार्शल की उन स्टॉप पर तैनाती की गई है, जहां यात्रियों की भीड़ अधिक होती है। बसों में सोशल डिस्टेंसिंग का भी पालन किया जाता है तो थर्मल गन से सुरक्षा जांच की जाती है ताकि संक्रमण का खतरा न रहे। शरीर का तापमान अधिक होने पर यात्री को वापस भेज दिया जाता है।