ढाई साल में पहली बार मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल अपने पास विभागीय जिम्मेदारी लेने जा रहे हैं। दिल्ली के जलसंकट को दूर करने के लिए वह सीधे तौर पर जल विभाग के कामकाज को देखेंगे।
जल मंत्री राजेंद्र पाल गौतम को उन्होंने इसका संदेश भी दे दिया है। दिलचस्प यह कि बीते दिनों सीवर कर्मियों की मौत से भी जल विभाग को आलोचना का शिकार होना पड़ा था।
दरअसल, शनिवार को जल मंत्री राजेंद्र गौतम से मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने मुलाकात की। बैठक की जानकारी देते हुए गौतम ने बताया कि यह मुख्यमंत्री का विशेषाधिकार है कि वह किसे मंत्री बनाए और कौन सा विभाग सौंपे। फिर, इसमें हैरानी जैसी भी कोई बात नहीं है। इससे पहले भी मुख्यमंत्री ही जल बोर्ड के चेयरमैन रहे हैं।