पुलिस के मुताबिक ये सभी आरोपी 18 से 26 वर्ष की आयु के हैं। पुलिस ने बताया कि बीते 22 अगस्त को व्यापारी जयंती लाल ने शिकायत दर्ज कराई थी कि शाम सात बजे वे गांधी नगर स्थित दुकानदारों से कैश एकत्रित कर चांदनी चौक के लिए ऑटो से रवाना हुए थे।
उनके पास करीब 20 लाख रुपये का कैश था। उनके साथ रतीलाल नामक शख्स भी मौजूद था। फ्लाईओवर पर पहुंचते ही इन आरोपियों ने ऑटो रुकवाया और हथियार दिखाकर व्यापारी से लूट की वारदात को अंजाम दिया। इसके बाद से ही पुलिस इन बदमाशों की तलाश में थी।
पुलिस के मुताबिक 18 वर्षीय आसिफ 10 वीं कक्षा तक पढ़ा है। इसके बाद से वह बेरोजगार है। इस पूरी वारदात के पीछे आसिफ ही मास्टर माइंड था। उसने ही अपने बाकी साथियों के साथ मिलकर इस पूरी घटना की योजना बनाई थी।
करीब एक महीने तक उसने पूरी योजना का खाका तैयार किया और फिर टिकटॉक पर वीडियो बनाने वाला बाडीगार्ड 25 वर्षीय सलमान की उसने सबसे पहले मदद ली। सलमान ने लूट की रकम का कुछ हिस्सा दान में भी दिया था।
सलमान ने आसिफ की दोस्ती 26 वर्षीय इमरान से कराई। पुलिस के अनुसार इमरान भी टिकटॉक पर वीडियो बनाता है। वह एक बाउंसर है। वहीं आरोपी नौशाद भी सलमान की वजह से ही इनके गिरोह में आकर जुड़ा।
वह 10 वीं पास है और बेरोजगार है जबकि 25 वर्षीय आरोपी दीपक एक बुटीक में काम करता था। दीपक को भी सलमान ने ही जोड़ा था।