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Building Collapse : आज साफ हो पाएगा ध्वस्त इमारत का मलबा, मातम के बीच 11 शव सुपुर्द-ए-खाक

Mon, 21 Apr 2025 01:57 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली

सार

रविवार को नगर निगम की टीमें मलबा हटाने में जुटी रहीं। माना जा रहा है कि सोमवार सुबह तक काम खत्म हो जाएगा।
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दयालपुर में गिरी चार मंजिला इमारत - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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उत्तर-पूर्वी दिल्ली के दयालपुर स्थित शक्ति विहार में चार मंजिला इमारत गिरने के मामले में रेस्क्यू ऑपरेशन देर रात तक चला। काफी तलाशी के बाद जब यह सुनिश्चित हो गया कि मलबे में अब कोई और मौजूद नहीं तो एनडीआरएफ व डीडीएमए समेत बाकी एजेंसियों ने बचाव का काम बंद कर दिया। हालांकि, रविवार को नगर निगम की टीमें मलबा हटाने में जुटी रहीं। माना जा रहा है कि सोमवार सुबह तक काम खत्म हो जाएगा।

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वहीं, इमारत गिरने की वजहों का पता लगाने के लिए क्राइम टीम व एफएसएल ने साक्ष्य जुटाए और इमारत के मेटेरियल के सैंपल भी लिए। पुलिस ने रविवार दोपहर बाद पोस्टमार्टम कराने के बाद 11 शव परिजनों के हवाले कर दिए। देर शाम तक सभी को मुस्तफाबाद के 25 फुटा कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया।

उत्तर-पूर्वी जिला पुलिस उपायुक्त आशीष मिश्रा ने बताया कि हादसे के संबंध में विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है। मामले की छानबीन जारी है। कुछ लोग अभी भी इलाज के लिए जीटीबी अस्पताल में भर्ती हैं। पड़ोसियों व बाकी लोगों के बयान लिए जा रहे हैं। छानबीन के बाद आगे तथ्यों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। शनिवार शाम तक बचाव दल ने मलबे से 22 लोगों को निकाल लिया था। स्थानीय लोगों का दावा था कि भूतल की दुकान में काम कर रहे चार मजदूर इमारत गिरने के समय वहां सो रहे थे, लेकिन मलबा हटाने के दौरान बचाव दल को वहां कोई नहीं मिला।
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ज्यादातर घायलों को फ्रेक्चर
अस्पताल में मकान मालिक हाजी तहसीन की पत्नी जीनत बेगम के अलावा किरायेदार नबी अहमद व बेटी तनु, दूसरे किरायेदार शाहिद व पत्नी रिहाना का इलाज जारी है। ज्यादातर घायलों के शरीर के अलग-अलग हिस्सों में फ्रेक्चर होने के अलावा उनके सिर में भी चोट लगी है।

तहसीन के परिजनों ने जताई नाराजगी
तहसीन के परिजन प्रशासन से नाराज दिखे। उन्होंने कहा कि इतना बड़ा हादसा होने के बाद अभी तक प्रशासन ने संपर्क नहीं किया है। उनके सिर से छत भी छिन गई है और इलाज के पैसे भी नहीं हैं।

यह है मामला
शुक्रवार देर रात 2:50 बजे दयालपुर के शक्ति विहार गली नंबर-1 में चार मंजिला इमारत जमींदोज हो गई थी। हादसे में एक ही परिवार के आठ लोगों समेत कुल 11 लोगों की मौत हो गई थी। इसके अलावा 11 लोग जख्मी हो गए थे। छह लोगों को उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई थी, बाकी पांच का इलाज अभी जारी है।

एक साथ उठे आठ जनाजे तो छलक उठे आंसू
दोपहर बाद जैसे ही आठ लोगों के शव शक्ति विहार, मुस्तफाबाद की गली नंबर-2 में पहुंचे तो कोहराम मच गया। चीख-पुकार के बीच परिजनों ने एंबुलेंस से सभी शवों को बाहर निकाला। इसके बाद शवों को अंतिम नमाज के लिए अनारवाली मस्जिद ले जाया गया। नमाज के बाद मुस्तफाबाद 25 फुटा कब्रिस्तान की ओर जाते एक साथ इतने जनाजे देखकर लोगों के आंसू छलक आए। सैकड़ों लोगों का हुजूम अंतिम यात्रा में नजर आया। इस दौरान इलाके का बाजार भी बंद रहा।

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हादसे में इमारत के मालिक हाजी तहसीन उर्फ यासीन (60) और बेटा नाजिम (30), उनकी पत्नी शाहिना (28), बेटा अनस (6), अफ्फान (8 माह), बेटी अफरीन (4) व तहसीन के दूसरे बेटे चांद की पत्नी चांदनी (23) और ससुर इशहाक की मौत हो गई थी। पुलिस ने शव लेने के लिए परिजनों को सुबह ही मोर्चरी बुला लिया था। सुबह से ही मृतकों के परिजन मोर्चरी पर बैठे रहे। इस बीच लोगों का तांता लगा रहा। दोपहर बाद 11 शव परिजनों के हवाले कर दिए गए। करीब 3:30 बजे शव शक्ति विहार पहुंचे। इस दौरान भीड़ जुट गई। अंतिम दर्शन के लिए लोगों में धक्कामुक्की भी हुई। पुलिस ने शांति बनाए रखने की अपील की।

इधर, अमूमन शव की अंतिम यात्रा के लिए हर मस्जिद में जनाजा ले जाने वाला एक ही पलंग होता है। ऐसे में शव ज्यादा होने से आसपास की कई मस्जिदों से लोगों ने पलंग इकट्ठे किए। बाद में उन्हें लाइन से गली में रख दिया गया। नहलाने के बाद शवों को एक साथ लोग कब्रिस्तान ले गए और सुपुर्द-ए-खाक कर दिया।

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