दिल्ली में इमारत ढहने से राबिया परवीन, उनके पति, दो बेटों, बेटी और पोती की मौत हो गई। भाई शहजाद ने बहन से अंतिम वीडियो कॉल को याद कर दुख जताया। शहजाद ने बताया कि पीलिया होने पर बहन ने जबरदस्ती दिल्ली बुला लिया। अपने घर पर रखकर उनका दो माह तक इलाज करवाया। छोटी सी बात पर वह कॉल करके पूछती थी।
बहन राबिया परवीन की मौत की खबर सुनकर दिल्ली पहुंचे शहजाद की आंखों से आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। बस यही कहे जा रहे हैं कि कुछ घंटे पहले ही बहन से वीडियो कॉल पर बात हुई थी। बहन ने जल्द ही मिलने की बात की थी, लेकिन उसे नहीं पता था कि ऐसे हालात में बहन से मुलाकात होगी।
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एक रिश्तेदार का कॉल आया और उसने मकान गिरने की बात बताई। शहजाद उसी समय कोट कादर, नजीबाबाद, बिजनौर से दिल्ली के लिए निकल गए। दिल्ली पहुंचे तो बहन-बहनोई की मौत की खबर पता चली। यह भी पता चला कि परिवार के और भी लोग मलबे में दबे हैं। उनके सामने ही चार और लोगों के शव निकले। जीटीबी अस्पताल की मोर्चरी में शहजाद ने बताया कि पीलिया होने पर बहन ने जबरदस्ती दिल्ली बुला लिया। अपने घर पर रखकर उनका दो माह तक इलाज करवाया। छोटी सी बात पर वह कॉल करके पूछती थी।
बकरीद के बाद उसने कॉल कर कोट कादर आने की बात की। शादी के 32 साल बाद पहली बार राबिया अपने पूरे परिवार के साथ उनके घर आई थी। बहनोई मतलूब को छोड़कर पूरा परिवार 18 दिनों तक उनके घर पर रुका रहा। बुधवार को ही वह दिल्ली लौटी थी। इस बीच आफिया ने कॉल कर उन्हें जयपुर बुला लिया। परवेज के बेटे से मिलने की चाह में राबिया जयपुर भी न रुकी।
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शुक्रवार को ही बेटी से वापस जाने की बात कर वह दिल्ली पहुंच गई। देर रात वह अपने पोते अहमद के साथ खेली। इसके बाद वह बाकी परिजनों के साथ सो गईं। सुबह सोते समय ही इमारत जमींदोज हो गई। राबिया उनके पति मतलूब, दो बेटे जावेद, अब्दुल्लाह, बेटी जूबिया और उसकी बेटी फौजिया की मौत हो गई।