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10 हजार रुपए के लिए दोस्तों ने की हत्या, पहले शराब पिलाया और फिर पत्थर से कुचल दिया सर

Mon, 15 Jul 2019 04:22 PM IST
Prachi Priyam न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : डेमो
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नई दिल्ली के साकेत थाना इलाके के लाडो सराय के रहने वाले एक युवक को 10 हजार रुपये के लिए उसके दोस्त ने ही मार डाला। दोस्त ने अपने साथियों के साथ मिलकर बेरहमी से हत्या को अंजाम दिया। आरोपियों ने पहले युवक का सिर पत्थर से कुचला और फिर पेट्रोल डालकर जला दिया। पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद उनकी निशानदेही पर मानेसर से युवक का अधजला शव बरामद किया गया।

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दक्षिण जिला पुलिस अधिकारियों के अनुसार लाडो सराय निवासी शंभू कुमार ने 1 जुलाई को साकेत थाने में शिकायत की थी कि उसका बेटा नीरज उर्फ सूरज 27 जून को घर से निकला था और इसके बाद घर नहीं आया। परिजनों ने बताया कि वह पहले भी घर से कई-कई दिन बाहर रहता था, लेकिन फोन पर जानकारी देता रहता था, लेकिन इस बार उसका मोबाइल भी बंद था।

10 जुलाई को अपहरण का मामला दर्ज कर साकेत थानाध्यक्ष केशव माथुर की देखरेख में एटीओ इंस्पेक्टर उपेन्द्र सिंह, एसआई रणवीर सिंह, एसआई जितेन्द्र मलिक व एएसआई मुकेश की टीम ने तफ्तीश शुरू की। इंस्पेक्टर उपेन्द्र सिंह ने 13 जुलाई को नीरज के दोस्त अमित से पूछताछ की तो उसने सच उगल दिया। अमित ने बताया कि वह पहले लाडो सराय में रहता था, जहां उसकी नीरज से दोस्ती हुई। दोनों एक ही रेस्टोरेंट में काम करते थे। वहां दोनों ने रुपयों की गड़बड़ी की थी। इस रुपये से दोनों शराब पीते थे। घपले का पर्दाफाश होने पर अमित को नौकरी से निकाल दिया गया था। 
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अमित को लगता था कि नीरज के कहने से उसे नौकरी से निकाला गया है। अमित ने नीरज को करीब एक लाख रुपये का फायदा पहुंचाया था। इसके बाद अमित नीमराणा, राजस्थान स्थित अपने गांव चला गया था। अमित ने लाडो सराय में किसी से 10 हजार रुपये ले रखे थे। वह व्यक्ति अमित के माता-पिता को पैसे देने के लिए फोन करते थे। अमित को लगता था कि नीरज ही फोन करवाकर उसकी बेइज्जती करा रहा है। इस पर उसने नीरज की हत्या करने की ठान ली। साजिश में अमित ने दक्षिणपुरी निवासी इशांत मेहरा को भी शामिल किया। 

 
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ऐसे दिया वारदात को अंजाम

अमित और इशांत ने खानपुर में किराए पर कमरा लिया और 26 जून को वहां नीरज को शराब पिलाने के लिए बुलाया। तीनों ने शराब पी। वहां रात को नीरज ने हंगामा कर दिया तो पड़ोसी इकट्ठा हो गए। आरोपियों ने नीरज को 27 जुलाई की दोपहर को बुलाया और साथ में स्कूटी लाने को कहा। 

इसके बाद तीनों लोग गोविंदपुरी से शराब खरीदकर सूरजकुंड और फिर गुरुग्राम चले गए। गुरुग्राम में फिर शराब खरीदी और मानेसर की पहाड़ियों पर चले गए। देर रात तक ये शराब पीते रहे। जब नीरज को ज्यादा नशा चढ़ गया तो दोनों ने पत्थरों से उसका सिर कुचल दिया और वहां से भाग कर वापस आ गए। 

आरोपी अगले दिन घटनास्थल पर फिर गए और पेट्रोल डालकर नीरज को जला दिया। इन लोगों ने नीरज की स्कूटी को मुनिरका में लावारिस छोड़ दिया था। नीरज के मोबाइल को तोड़कर फेंक दिया था। पुलिस ने अमित की निशानदेही पर इशांत को गिरफ्तार कर लिया।
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