दिल्ली कार धमाका: इसी ट्रैफिक सिग्नल के पास आई-20 कार में हुआ विस्फोट
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कहते हैं कि जाको राखे साईंया, मार सके न कोए...। ऐसा ही कुछ लाल किले बम धमाके के दौरान दिल्ली पुलिस के दो हवलदार के साथ हुआ है। लालकिले चौकी में तैनात हवलदार अजय चहल व एक अन्य हवलदार बाल-बाल बच गए। दिल्ली पुलिसकर्मियों में चर्चा है कि भगवान की विशेष कृपा से ही दोनों बचे हैं। ये दोनों पुलिसकर्मी धमाके वाली जगह से मात्र 30 से 50 फुट की दूरी पर खड़े थे और इन्हें खरोंच तक नहीं आई, जबकि 300 फुट की दूरी पर खड़े लोगों की मौत हो गई।
उत्तरी जिले के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि जिस समय लाल किला पुलिस चौकी के पास बम धमाका हुआ था उस समय चौकी में तैनात हवलदार अजय चहल धमाके वाली जगह से मात्र 30 फुट की दूरी पर खड़े थे। वहीं दूसरा हवलदार भी धमाके वाली जगह से मात्र 50 फुट की दूरी पर खड़े थे। इन दोनों को मामूली सी चोट भी नहीं लगी है।
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि ये दोनों पुलिसकर्मी ब्लाइंड स्पॉट की वजह से बचे हैं। उन्होंने बताया कि जब बम धमाका होता है तो उससे विस्फोटक अन्य वस्तुएं चारों तरफ निकलती है। इन खतरनाक घातुओं से बम धमाके से चारों तरफ खड़े लोगों को जान-माल का नुकसान होता है। धमाके के दौरान कुछ जगह होती हैं जहां एक तरफ जाने वाली वस्तुओं के बीच में गैप होता है। इस गैप को ब्लाइंड स्पॉट बोलते हैं। दोनों पुलिसकर्मी इस ब्लाइंड स्पॉट वाली जगह पर खड़े थे इस कारण दोनों बच गए।
खड़े वाहनों की जांच शुरू
लाल किले के पास हुए बम धमाके के बाद दिल्ली पुलिस हाई अलर्ट पर है। सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा करते हुए पुलिस अब खड़ी हर संदिग्ध गाड़ी की बारीकी से जांच कर रही है। पुलिस टीम पार्किंग स्थलों, बाजारों, मुख्य सड़कों और रिहायशी इलाकों में खड़ी कारों के नंबर निकालकर उनके मालिकों से सीधे संपर्क कर पूछताछ कर रही है।
नई दिल्ली रेंज के ट्रैफिक पुलिस उपायुक्त राजीव कुमार ने बताया कि धमाके में कार के इस्तेमाल होने के बाद सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ गई है। कहा कि अब किसी भी वाहन को बिना जांच के खड़ा रहने की अनुमति नहीं दी जा सकती। उपायुक्त के अनुसार, भीड़-भाड़ वाले क्षेत्रों जैसे बाजार, मेट्रो स्टेशन, ऑफिस कॉम्प्लेक्स और सरकारी भवनों के आसपास खड़ी गाड़ियों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है।