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Delhi Blast: 80 से ज्यादा चश्मदीदों के बयान, 200 से अधिक CCTV और 500 मोबाइल नेटवर्क...; इस शख्स ने कराई है FIR

Wed, 12 Nov 2025 03:19 AM IST
आकाश दुबे पुरुषोत्तम वर्मा, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

धमाके के तुरंत बाद लाल किला चौकी से लेकर दरियागंज, चांदनी चौक, जामा मस्जिद और कश्मीरी गेट तक इलाके को घेर लिया गया। एनएसजी और एफएसएल की टीमें मौके पर पहुंचीं और नमूने इकट्ठे किए हैं। जांच में यह बात सामने आई है कि धमाके में उच्च तीव्रता वाले विस्फोटक पदार्थ का इस्तेमाल किया गया था।
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दिल्ली धमाका - फोटो : अमर उजाला
जैसे ही जोरदार धमाका हुआ आसपास के इलाकों में अफरा-तफरी मच गई। मिनटों में आग, धुआं और चीखों से पूरा इलाका भर गया। गाड़ियां जलकर खाक हो गईं, सड़कें मलबे से पट गईं और लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागते नजर आए। लालकिले बम धमाके का ये आंखों देखा हाल लाल किले बम धमाके को लेकर जो प्राथमिकी दर्ज की गई है उसमें बयां किया गया है। प्राथमिकी लालकिला चौकी प्रभारी सब इंस्पेक्टर विनोद नयन के बयान पर दर्ज की गई है।
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दिल्ली में हुए धमाके में अमरोहा के दो लोगों की माैत - फोटो : संवाद
प्राथमिकी में कहा गया है कि जब धमाका हुआ, उस वक्त एसआई विनोद नयन लाल किला चौकी में मौजूद थे। उन्होंने बताया कि अचानक बहुत तेज आवाज आई, जैसे किसी भारी चीज का विस्फोट हुआ हो। चौकी हिल गई, मैं तुरंत बाहर भागा तो देखा कि कई गाड़ियों में आग लगी हुई थी। लोग चीखते हुए इधर-उधर भाग रहे थे। धुआं इतना घना था कि कुछ दिखाई नहीं दे रहा था।
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दिल्ली में धमाके के बाद जांच करती पुलिस टीम और सुरक्षाबल - फोटो : पीटीआई
मैंने तुरंत अपने वरिष्ठ अधिकारियों और कंट्रोल रूम को सूचना दी और स्टाफ के साथ मिलकर घायलों को अस्पताल पहुंचाया। यही बयान इस मामले की एफआईआर का मूल आधार बना। कोतवाली थाना पुलिस ने इस पर कार्रवाई करते हुए गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम (यूएपीए) और विस्फोटक अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है।

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घटनास्थल को पर्दा लगाकर सील किया गया - फोटो : पीटीआई
धमाके से गाड़ियां पलट गई थीं-
दरअसल, धमाके के तुरंत बाद लाल किला चौकी से लेकर दरियागंज, चांदनी चौक, जामा मस्जिद और कश्मीरी गेट तक इलाके को घेर लिया गया। एनएसजी और एफएसएल की टीमें मौके पर पहुंचीं और नमूने इकट्ठे किए हैं। जांच में यह बात सामने आई है कि धमाके में उच्च तीव्रता वाले विस्फोटक पदार्थ का इस्तेमाल किया गया था, जिसकी ताकत इतनी ज्यादा थी कि आसपास खड़ी आठ से दस गाड़ियां पलट गईं। कुछ पूरी तरह जल गईं। मौके पर एक कार के टुकड़े सौ मीटर तक बिखरे मिले।
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संदिग्ध डॉ. मोहम्मद उमर - फोटो : पीटीआई
80 से ज्यादा चश्मदीदों के बयान दर्ज-
दिल्ली पुलिस ने इस बीच, पुलिस ने अब तक 80 से ज्यादा चश्मदीदों के बयान दर्ज किए हैं। इनमें कई दुकानदार, रेहड़ी-पटरी वाले और राहगीर शामिल हैं। कुछ लोगों ने बताया कि धमाके से कुछ देर पहले सफेद रंग की कार लाल किला पार्किंग में आई थी, जिसमें दो लोग बैठे दिखे थे। एक दुकानदार ने कहा कि कुछ सेकंड पहले उसने देखा था कि कार से धुआं निकल रहा है, लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया। कुछ ही पल बाद जोरदार धमाका हुआ और सब कुछ तबाह हो गया।
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दिल्ली में धमाके के बाद जांच करती पुलिस टीम और सुरक्षाबल - फोटो : पीटीआई
200 से अधिक सीसीटीवी और 500 से ज्यादा मोबाइल नेटवर्क डेटा पॉइंट्स खंगाले
जांच एजेंसियों ने आसपास लगे 200 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज अपने कब्जे में ली है। हर फुटेज को फ्रेम-दर-फ्रेम देखा जा रहा है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि कार कब आई, किस दिशा से आई और उसमें कौन लोग सवार थे। इतना ही नहीं, पुलिस ने धमाके के वक्त इलाके में सक्रिय 500 से ज्यादा मोबाइल नेटवर्क डेटा पॉइंट्स को भी खंगाला है ताकि यह साफ हो सके कि उस वक्त कौन-कौन लोग वहां मौजूद थे और किन नंबरों की लोकेशन घटनास्थल पर मिली। यह डेटा अब तकनीकी जांच के लिए भेजा गया है।
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दिल्ली में धमाके के बाद जांच करती पुलिस टीम और सुरक्षाबल - फोटो : पीटीआई
टीमों में एक-एक डीसीपी, एसीपी और कई तेजतर्रार इंस्पेक्टर- 
विशेष आयुक्त अनिल शुक्ला की निगरानी में दस टीमें बनाई गई हैं। इन टीमों में एक-एक डीसीपी, एसीपी और कई तेजतर्रार इंस्पेक्टर स्तर के अधिकारी शामिल हैं। हर टीम को अलग-अलग पहलुओं पर काम सौंपा गया है कोई तकनीकी साक्ष्य जुटा रही है, कोई विस्फोटक के स्रोत की तलाश में लगी है, तो कोई चश्मदीदों से पूछताछ कर रही है। पुलिस का मानना है कि यह धमाका किसी संगठित गिरोह या मॉड्यूल का काम है, जिसकी जड़ें दिल्ली से बाहर भी हो सकती हैं।

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धमाके से पहले का वीडियो फुटेज - फोटो : वीडियो ग्रैब
स्थानीय लोगों में अब भी डर का माहौल... 
धमाके के बाद पुरानी दिल्ली के इलाके में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। लाल किला, दरियागंज, दरवाजा रोड, मेट्रो स्टेशन और चांदनी चौक तक आने-जाने वाले सभी रास्तों पर नाकाबंदी की गई है। पुलिस हर आने-जाने वाले वाहन की जांच कर रही है और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। आसपास के बाजारों में भीड़ पर नियंत्रण के लिए अतिरिक्त जवान लगाए गए हैं। स्थानीय लोगों में अब भी डर का माहौल है, कई दुकानें मंगलवार को बंद रहीं।

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Delhi Blast - फोटो : अमर उजाला
धमाके के बाद सवाल जो खड़े हुए-
- खुफिया अलर्ट के बावजूद चूक कहां हुई। अगर खुफिया जानकारी थी, तो दिल्ली के इतने संवेदनशील और भीड़-भाड़ वाले इलाके में यह कार और विस्फोटक कैसे पहुंच गया।
- सुरक्षा व्यवस्था में कहां खामी रह गई।
- क्या लापरवाही बरतने वालों को सजा मिलेगी। 
- आरोपी कार लेकर लालकिले तक कैसे पहुंच गया, कहीं चेकिंग के दौरान कार को रोका क्यों नहीं गया।

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Delhi Blast - फोटो : अमर उजाला
- कार पार्किंग में तीन घंटे रहे। पार्किंग अटेंड क्या कर रहा था। 
- विस्फोटक कैसे और कहां से लाया गया।

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Delhi Blast - फोटो : अमर उजाला
- इतनी भीड़-भाड़ वाली जगह पर विस्फोटक सामग्री को कैसे छिपाया गया और पुरानी दिल्ली तक पहुंचाया गया।
- हथियार और विस्फोटक सामग्री की आपूर्ति का स्रोत क्या था।

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धमाके से दहली दिल्ली, मौके पर पुलिस - फोटो : अमर उजाला
- फंडिंग का स्रोत क्या है।
- इस पूरे आतंकी मॉड्यूल को आर्थिक सहायता कहां से मिल रही थी।

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धमाके से दहली दिल्ली, क्षतिग्रस्त वाहन - फोटो : अमर उजाला
- असली मास्टरमाइंड कौन है।
- क्या धमाके के पीछे कोई बड़ी साजिश और अंतरराष्ट्रीय आतंकी संगठन है।

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धमाके से दहली दिल्ली - फोटो : अमर उजाला
- टारगेट भीड़ थी या कोई खास जगह।
- लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास भीड़ भरे इलाके को जानबूझकर निशाना बनाया गया था।
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धमाके से दहली दिल्ली, मौके पर जांच के लिए पहुंची पुलिस - फोटो : अमर उजाला
- क्या उमर मोहम्मद ने अकेले इस ब्लास्ट को अंजाम दिया या इसमें और भी लोग शामिल हैं।
- क्या अल फलाह यूनिवर्सिटी (या अन्य) में और भी छात्र या डॉक्टर इस टेरर मॉड्यूल का हिस्सा हो सकते हैं।

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