Delhi Car Blast Case: दिल्ली कार बम धमाके के सह आरोपी जसिर बिलाल की याचिका हाईकोर्ट ने खारिज कर दी। जिसमें उसने एनआईए मुख्यालय में अपने वकील से मिलने की मांग की था।
दिल्ली हाईकोर्ट ने शुक्रवार को लाल किला धमाका मामले के सह-आरोपी जसिर बिलाल वानी की याचिका पर आदेश पारित करने से इनकार कर दिया, जिसमें उसने राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) मुख्यालय में अपने वकील से मिलने की मांग की थी।
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न्यायमूर्ति स्वर्णा कांता शर्मा ने कहा कि आरोपी ट्रायल कोर्ट द्वारा एनआईए मुख्यालय में वकील से मिलने की याचिका खारिज करने वाले किसी आदेश को दिखाने में विफल रहा है। हाईकोर्ट ने कहा कि आरोपी कोई विशेष व्यक्ति नहीं है और अदालत में एक निश्चित प्रक्रिया का पालन करना होता है। कोर्ट की यह टिप्पणी तब की गई जब वानी के वकील ने दावा किया कि यह आवेदन ट्रायल कोर्ट द्वारा मौखिक रूप से खारिज कर दिया गया था।
एनआईए ने 17 नवंबर को वानी को गिरफ्तार किया था, जो कथित रूप से सुसाइड बॉम्बर उमर उन नबी का "सक्रिय सह-षड्यंत्रकारी" है। यह गिरफ्तारी 10 नवंबर को हुए कार धमाके से जुड़ी है। 18 नवंबर को ट्रायल कोर्ट ने उसे 10 दिनों की एनआईए की हिरासत में भेज दिया था।