आदेश कुमार गुप्ता को भाजपा ने दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी सौंप दी है। उन्हें यह जिम्मेदारी ऐसे समय में सौंपी गई है जब पार्टी लगातार दो दिल्ली विधानसभा चुनावों में कोई सफलता हासिल करने में नाकाम रही है।
आदेश कुमार गुप्ता के सामने दिल्ली भाजपा की अंदरूनी गुटबाजी खत्म कर संगठन को मजबूत बनाने की कठिन चुनौती है। इस चुनौती से निबटने के लिए उनके पास क्या योजनाएं हैं, यह जानने के लिए हमारे विशेष संवाददाता अमित शर्मा ने उनसे बातचीत की। प्रस्तुत है वार्ता के प्रमुख अंश-
प्रश्न- आपने यह जिम्मेदारी ऐसे समय में संभाली है जब देश और दुनिया के सामने कोरोना संक्रमण का अभूतपूर्व संकट है। केंद्र, राज्य और सभी नागरिकों की प्राथमिकता में कोरोना छाया हुआ है। ऐसे समय में आपकी प्राथमिकताएं क्या रहेंगी?
इस बात में कोई शक नहीं कि कोरोना मानवजाति के सामने अभूतपूर्व संकट है। ऐसे में कोरोना से लड़ाई ही मेरी सबसे पहली प्राथमिकता रहने वाली है। अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी मिलने के पहले से एक पार्षद के तौर पर मैं लगातार अपनी जनता के बीच राहत सामग्री बांटने, मास्क बांटने और कोरोना संक्रमण के प्रति लोगों को जागरूक करने की मुहिम से जुटा था।
अब अध्यक्ष के तौर पर हमें अपने लाखों कार्यकर्ताओं का साथ मिल जाएगा और हम इस काम को आगे बढ़ाएंगे। भाजपा अब तक एक करोड़ लोगों को राशन पहुंचा चुकी है। हम लोगों को सूखा राशन, तैयार भोजन, महिलाओं के लिए सैनेटरी पैड और बच्चों के लिए विशेष भोजन पदार्थ बांट रहे हैं। हम इस काम को और आगे बढ़ाएंगे।
प्रश्न- अगर राजनीतिक चुनौती की बात करें तो पिछले चुनाव में भी यह बात देखने में आई थी कि दिल्ली भाजपा में कई धड़े हैं। केंद्रीय नेताओं की दखलंदाजी के बाद भी नेताओं के आपसी मनमुटाव चुनाव के महत्वपूर्ण समय में भी कम नहीं किये जा सके। माना जाता है कि इसका खामियाजा पार्टी को चुनाव में भुगतना पड़ा है। इस गुटबाजी को आप कैसे दूर करेंगे?
मेरी पार्टी में कई वरिष्ठ नेता हैं। मैं उन सबसे मार्ग-निर्देश लेकर और युवाओं को साथ लेकर आगे बढूंगा। मुझे पूरा यकीन है कि मेरे काम में मुझे सभी वरिष्ठ नेताओं और युवा कार्यकर्ताओं का सहयोग मिलेगा।
मैं संगठन का आदमी हूं। मुझे सबके साथ मिलकर और सबका सहयोग लेकर काम करना आता है। मुझे नहीं लगता कि गुटबाजी जैसी कोई चीज आपको देखने को मिलेगी।
प्रश्न- पिछले विधानसभा चुनाव के दौरान आपकी पार्टी के कई बड़े नेता आपत्तिजनक बयानबाजी करते दिखाई पड़े। माना यह भी जाता है कि इस तरह की बयानबाजी के कारण पार्टी को चुनाव में नुकसान भी उठाना पड़ा। इन नेताओं की बयानबाजी पर लगाम कैसे लगायेंगे?
भाजपा एक अनुशासित पार्टी है। हमारा कार्यकर्ता बहुत अनुशासन में रहकर अपना काम करता है। अगर कोई किसी तरह की आपत्तिजनक बयानबाजी करता हुआ पाया जायेगा, तो उसके खिलाफ मैं कड़ी कार्रवाई करूंगा।
प्रश्न- आपकी पहली कठिन परीक्षा नगर निगम चुनावों में होने वाली है, जहां आपको पार्टी का 15 साल पुराना किला बचाए रखने की जिम्मेदारी होगी। यह काम कितना मुश्किल है और इसे कैसे कर पायेंगे? विशेषकर इस बात को ध्यान में रखते हुए कि इसी दौरान आम आदमी पार्टी और अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली की राजनीति पर अपनी योजनाओं के जरिए अपनी पकड़ ज्यादा मजबूत कर ली है।
इस परीक्षा के लिए अभी समय है। इस दौरान मेरी पूरी कोशिश यह रहेगी कि नगर निगम के जरिए जनता की भलाई के अधिक से अधिक काम किए जा सकें। कार्यकर्ताओं के सहयोग से हम इस परीक्षा में पहले भी सफल हुए हैं और आगे भी सफल रहेंगे।
जहां तक आम आदमी पार्टी की बात है, वे बुरी तरह असफल हो रहे हैं। उनकी कथनी-करनी का फर्क लोगों के सामने आ रहा है। वे दावा आकर रहे हैं कि श्रमिकों के लिए खूब राशन-पानी पहुंचाया जा रहा है, लेकिन भूख से तड़पते मजदूर उनकी नाकामी की वजह से दिल्ली से पलायन करने को मजबूर हुए। मुझे लगता है कि वे अपने ही दावों पर खरे नहीं उतरेंगे और जनता उनकी असलियत समझ जाएगी।
प्रश्न- दिल्ली की अरविंद केजरीवाल सरकार का दावा है कि वह कोरोना के मामले में देश में सबसे बेहतर काम कर रही है। आप क्या कहेंगे?
केजरीवाल जी को बताना चाहिए कि पिछले छह साल में उन्होंने दिल्ली की स्वास्थ्य सुविधा बेहतर बनाने के लिए उन्होंने क्या काम किया है? वे उन अस्पतालों के नाम बताएं जिसे उन्होंने पिछले छह साल के बीच में बनवाया है। वे बताएं कि जिस मोहल्ला क्लिनिक को वे विश्व स्तर की होने का ढिंढोरा पीटते हैं, वे कोरोना के संक्रमण काल में बंद क्यों पड़े हुए हैं।
दिल्ली सरकार अपने एप से दावा कर रही है कि अस्पतालों में जगह है, लेकिन जब मरीज वहां पहुंच रहा है तो उसे अस्पतालों में जगह नहीं मिल रही है। सरकारी अस्पतालों में जगह नहीं है और प्राइवेट अस्पताल लाखों रुपये लूट रहे हैं। अगर इसे अच्छी स्वास्थ्य सुविधा कहेंगे तो आप बताइए कि बुरा किसे कहते हैं।
प्रश्न- दिल्ली में भाजपा की जीत कांग्रेस के वोट बैंक मजबूत होने पर भी निर्भर करता है। लेकिन पिछले चुनावों में जिस तरह कांग्रेस कमजोर हुई है, उसका सीधा नुकसान भाजपा को उठाना पड़ा है। क्या कहेंगे?
किसी दूसरी पार्टी पर टिप्पणी करना मैं ठीक नहीं समझता। मैं सिर्फ यही कहूंगा कि हम इतना बेहतर काम करेंगे कि जनता के बीच हमारा ज्यादा से ज्यादा जनाधार बढ़े। हम अपने काम के बल पर जनता के बीच अपनी पहुंच बढ़ाना चाहते हैं, कोई दूसरा क्या करता है, इससे मेरा बहुत ज्यादा सरोकार नहीं है। लेकिन जहां तक दिल्ली सरकार की बात है, हम उनकी पोल जरूर खोलते रहेंगे क्योंकि सुविधाओं के नाम पर वे रोज दिल्ली की जनता से छल कर रहे हैं।
प्रश्न- भाजपा दिल्ली में लोकसभा चुनाव में सौ नंबर से पास हो जाती है, लेकिन विधानसभा चुनाव में फेल हो जाती है। आप पार्टी में संगठन के निचले पायदान से बढ़ते हुए यहां तक आए हैं।आपको क्या लगता है कि पार्टी कहां गलती कर रही है?
चुनाव में बहुत से मुद्दे काम करते हैं। चुनाव परिणामों पर कई चीजों का असर होता है। हम सभी कार्यकर्ताओं को साथ लेकर आगे बढ़ेंगे और उम्मीद करते हैं कि जनता की अपेक्षाओं पर खरे उतरेंगे।
प्रश्न- कहा जा रहा है कि दिल्ली का व्यापारी समुदाय केंद्र सरकार की कुछ आर्थिक नीतियों को लेकर उससे नाराज है। आप वैश्य समुदाय से हैं। माना जा रहा है कि आपको अध्यक्ष बनाकर भाजपा व्यापारियों के गुस्से को कम करना चाहती है। व्यापारियों को अपने साथ जोड़ने के लिए आप क्या करेंगे?
केंद्र सरकार और भाजपा मानती है कि देश की तरक्की के लिए व्यापारी समुदाय को मजबूत किया जाना चाहिए। यही कारण है कि कोरोना संकट में फंसे व्यापारियों को निकालने के लिए केंद्र सरकार लगातार राहत पैकेज की घोषणा कर रहा है, आर्थिक नीतियां व्यापारियों के हित में बनाई जा रही हैं।
मुझे लगता है कि आम जनता की तरह व्यापारी समुदाय आज भी हमारे साथ है और आने वाले समय में भी हमारे साथ बना रहेगा। लेकिन अगर कहीं कोई कमी है तो उसके लिए हम बाजार के संगठनों, व्यापारी नेताओं के साथ मिलेंगे। उनसे बात करेंगे और उनकी कोई भी जायज मांग होगी, उसे दूर करने की कोशिश करेंगे।