मुख्यमंत्री आवास के बाहर निगम की बकाया राशि की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे तीनों महापौर व महिला पार्षदों की रविवार शाम मुख्यमंत्री आवास के कर्मचारियों के साथ कैमरा लगाने को लेकर कहासुनी हुई । एक और जहां मुख्यमंत्री कार्यालय ने भाजपा पार्षदों द्वारा कैमरा तोड़े जाने का आरोप लगाया वहीं, दूसरी और पार्षदों ने इंकार करते हुए निजता का हनन करार दिया। इस मामले में रविवार देर रात तक मुख्यमंत्री आवास के सामने हंगामा होता रहा। भारी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया गया था।
उत्तरी दिल्ली नगर निगम के महापौर जयप्रकाश ने कहा कि पिछले 7 दिनों से नगर निगम के अन्य महिला पार्षद प्रदर्शन में साथ दे रही हैं। इस कड़ी में रविवार की शाम मुख्यमंत्री आवास की ओर से कर्मचारियों ने महिला पार्षदों के रहने और सोने के स्थान के पास कैमरा लगाने की कोशिश की। इसको देखते हुए महिला पार्षदों ने विरोध जताया है। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की कोई तोड़फोड़ नहीं की गई है।
मुख्यमंत्री द्वारा मुलाकात न करने तक धरना जारी रखने की दी चेतावनी
निगम की बकाया राशि की मांग को लेकर दिल्ली के तीनों नगर निगम के महापौर का सातवें दिन भी मुख्यमंत्री आवास के बाहर धरना प्रदर्शन जारी रहा। वहीं, शनिवार की रात महापौर ने ठंड से बचने के लिए किए गए बंदोबस्त को हटाने के लिए मुख्यमंत्री पर आरोप लगाया।
दक्षिणी दिल्ली नगर निगम के महापौर अनामिका ने कहा कि आम आदमी पार्टी के नेता झूठे हथकंडे अपनाकर आंदोलन से ध्यान भटकाने का प्रयास कर रहे हैं। दक्षिणी और उत्तरी निगम पर आम आदमी पार्टी द्वारा 2500 करोड़ के घोटाले का आरोप लगाया जा रहा है, जबकि यह आरोप बेबुनियाद है और हम किसी भी जांच के लिए तैयार हैं।
महापौर ने कहा कि बारिश और ठंड में धरने पर बैठे हमसे मिलने की बजाय केजरीवाल नेताओं द्वारा झूठे आरोपों की राजनीति करवा रहे हैं। वहीं, उत्तरी दिल्ली नगर निगम के महापौर जयप्रकाश ने कहा कि जब तक मुख्यमंत्री मुलाकात नहीं करेंगे तब तक प्रदर्शन जारी रहेगा। महापौर ने कहा कि यदि सफाई कर्मचारियों को समय पर वेतन नहीं दिया गया तो वे हड़ताल पर जा सकते हैं और इसके लिए दिल्ली के मुख्यमंत्री जिम्मेदार होंगे।