दिल्ली के भजनपुरा में एक ही परिवार के पांच लोगों की हत्या मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा करते हुए मामले को सुलझा लेने का दावा किया है। पुलिस ने बताया कि परिवार के मुखिया शंभू के मामा के बेटे प्रभु ने पैसे के लेनदेन को लेकर पूरे परिवार को मौत के घाट उतार दिया। पुलिस ने बताया है कि इनके बीच 30 हजार की कमेटी को लेकर विवाद था।
क्या है मामला
उत्तर-पूर्वी दिल्ली के भजनपुरा इलाके में एक ही परिवार के पांच लोगों ही बेरहमी से हत्या कर दी गई। बुधवार सुबह तेज दुर्गंध आने पर पड़ोसियों ने सूचना पुलिस को दी। पुलिस भीतर पहुंची तो दंपती और उनके तीन बच्चों के 6-7 दिन पुराने बुरी तरह सड़े-गले शव मिले।
इनकी शिनाख्त शंभूनाथ चौधरी (43), पत्नी सुनीता (37), बेटे शिवम कुमार (17), सचिन (14) और बेटी कोमल (12) के रूप में हुई। दंपती का शव एक कमरे से मिला, जबकि तीनों बच्चों के शव दूसरे कमरेभजनपुरा इलाके में एक ही परिवार के पांच लोगों की हत्या की गुत्थी को पुलिस ने 24 घंटे के भीतर सुलझा लिया है। पुलिस की मानें तो मृतक शंभू के फुफेरे भाई प्रभुनाथ चौधरी ने महज 30 हजार रुपये के लिए शंभू और उसके पूरे परिवार की हत्या कर दी। शंभू से उसने 30 हजार रुपये ले रखे थे, लेकिन वह रुपये वापस नहीं कर पा रहा था। पुलिस ने हत्याकांड का राज खोलते हुए आरोपी प्रभुनाथ (26) को गिरफ्तार कर लिया है।
तीन फरवरी को प्रभुनाथ ने शंभू के घर पहुंचकर पहले उसकी पत्नी सुनीता का नोकझोंक के बाद गला घोटा, बाद में उसके सिर पर रॉड से वार कर दिया। इसके बाद बेटी कोमल, बेटे शिवम और सचिन को मौत के घाट उतार दिया। चार घंटे घर में बिताने के बाद उसने शंभू को फोन कर गामड़ी गांव बुलाया। वहां दोनों ने शराब पी और रात 11 बजे उसे भी घर लेकर पहुंचा, वहां उसकी भी हत्या कर दी। बाद में आरोपी घर पर ताला लगाकर फरार हो गया। पुलिस ने कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) और सीसीटीवी कैमरों की फुटेज से हत्याकांड से पर्दा उठाया।
संयुक्त आयुक्त आलोक कुमार ने बताया कि बुधवार सुबह भजनपुरा की गली नंबर-11 में पुलिस को शंभू, पत्नी सुनीता, तीन बच्चे शिवम, सचिन व कोमल के शव बरामद हुए थे। शव इतनी सड़ी-गली हालत में थे कि उनकी मौत की वजह पता नहीं चल पा रही थी। शुरुआती जांच के बाद पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर छानबीन शुरू की। स्थानीय पुलिस के अलावा स्पेशल स्टाफ की टीम को जांच का जिम्मा सौंपा गया। इंस्पेक्टर विनय यादव की टीम ने भी पड़ताल शुरू की।
टीम ने शंभू के मोबाइल का कॉल डिटेल रिकॉर्ड निकलवाया, तो उस पर आखिरी कॉल शंभू के फुफेरे भाई प्रभुनाथ की थी। इसके अलावा गली में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई, तो तीन फरवरी को दोपहर 3.30 बजे प्रभुनाथ को घर में घुसते हुए और शाम 7 बजे निकलते देखा गया। बाद में रात को दोबारा 11 बजे शंभू के साथ आता फुटेज में देखा गया। पुलिस ने शक के आधार पर प्रभुनाथ को बुलाया। शुरुआत में वह पुलिस को गुमराह करने लगा लगा, लेकिन बाद में उसने हत्या की बात कुबूल कर ली।