दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने शुक्रवार को मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि कोरोना संक्रमण बढ़ने से चिंता की कोई बात नहीं है। सरकार ने इससे निबटने के लिए पूरी तैयारी कर रखी है।
इस समय भी अस्पतालों में पांच हजार से ज्यादा बेड खाली पड़े हैं और ज्यादा लोगों के बीमार पड़ने की स्थिति में उपयोग किये जा सकते हैं।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि इस समय दिल्ली में कोरोना के कुल 17,386 मामले सामने आ चुके हैं। लेकिन केवल 28 लोगों को वेंटीलेटर की जरूरत पड़ रही है।
दिल्ली में 300 से ज्यादा वेंटीलेटर बिल्कुल तैयार मोड पर रखे गए हैं, जिससे किसी भी आपात स्थिति में लोगों को उचित उपचार मुहैया कराया जा सके। इसलिए किसी को भी घबराने की जरुरत नहीं है।
दिल्ली के तीनों नगर निगमों के स्टैंडिंग कमेटी के चेयरमैन ने गुरुवार को एक बैठक कर राजधानी में कोरोना की वर्तमान परिस्थितियों पर विचार-विमर्श किया।
पूर्वी दिल्ली नगर निगम की स्टैंडिंग कमेटी के चेयरमैन संदीप कपूर ने बताया कि जैसे ही दिल्ली सरकार की तरफ से उन्हें उनकी किसी एरिया में कोरोना संक्रमित होने की जानकारी मिलती है, उसे वार्ड के संबंधित अधिकारियों को भेजा जाता है।
अधिकारियों के माध्यम से संबंधित व्यक्ति के घर और आस-पड़ोस में लोगों को कोरोना से बचने की जानकारी दी जाती है। पूरी गली को सैनिटाइज कराया जाता है।
मुनादी कर लोगों को संक्रमण के खतरे से बचने की जानकारी दी जाती है। इन घरों से निकलने वाले कूड़े को पीपीई किट पहने सफाईकर्मी पीले बैग में एकत्र करते हैं। इसे स्वामी दयानंद अस्पताल में बायोलॉजिकल वेस्ट के माध्यम से निस्तारित किया जाता है।