पांच बेड की थी अनुमति
शाहदरा जिला पुलिस उपायुक्त सुरेंद्र चौधरी ने बताया कि जांच के दौरान टीम ने जब अस्पताल के लाइसेंस की पड़ताल की तो उसकी अवधि समाप्त मिली। इसके अलावा दिल्ली सरकार के डीजीएचएस विभाग की ओर से अस्पताल को महज पांच बेड का अस्पताल चलाने की अनुमति थी। उसका उल्लंघन कर 12 बेड का अस्पताल चलाया जा रहा था।
31 मार्च को खत्म हो गई थी एनओसी
डीसीपी शाहदरा सुरेंद्र चौधरी के मुताबिक, जांच में पता चला कि अस्पताल की एनओसी भी 31 मार्च को समाप्त हो गई थी और अस्पताल को पांच बेड तक की अनुमति थी लेकिन उन्होंने 10 से अधिक बेड लगाए थे। इसके अलावा आपात की स्थिति में बाहर निकलने के लिए फायर एग्जिट सिस्टम भी नहीं था। इसलिए एफआईआर में आईपीसी की धारा 304 और 308 जोड़ दी है।