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Delhi Baby Care Fire: बेबी केयर अग्निकांड मामला, कोर्ट ने दोनों आरोपियों को पांच दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा

Mon, 27 May 2024 05:15 PM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

इस अग्निकांड में सात बच्चों की मौत हो गई थी। पकड़े गए दोनों आरोपी डॉक्टर हैं। 
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बेबी केयर सेंटर अग्निकांड - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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दिल्ली के विवेक बिहार स्थित बेबी केयर सेंटर अग्निकांड मामले के दोनों आरोपियों कोर्ट ने पांच दिन की रिमांड पर भेज दिया है। इस अग्निकांड में सात बच्चों की मौत हो गई थी। पकड़े गए दोनों आरोपी डॉक्टर हैं। कोर्ट ने आरोपी नवीन और आकाश को 30 मई तक पुलिस रिमांड पर भेजा है। 

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पांच बेड की थी अनुमति
शाहदरा जिला पुलिस उपायुक्त सुरेंद्र चौधरी ने बताया कि जांच के दौरान टीम ने जब अस्पताल के लाइसेंस की पड़ताल की तो उसकी अवधि समाप्त मिली। इसके अलावा दिल्ली सरकार के डीजीएचएस विभाग की ओर से अस्पताल को महज पांच बेड का अस्पताल चलाने की अनुमति थी। उसका उल्लंघन कर 12 बेड का अस्पताल चलाया जा रहा था।
 

31 मार्च को खत्म हो गई थी एनओसी
डीसीपी शाहदरा सुरेंद्र चौधरी के मुताबिक, जांच में पता चला कि अस्पताल की एनओसी भी 31 मार्च को समाप्त हो गई थी और अस्पताल को पांच बेड तक की अनुमति थी लेकिन उन्होंने 10 से अधिक बेड लगाए थे। इसके अलावा आपात की स्थिति में बाहर निकलने के लिए फायर एग्जिट सिस्टम भी नहीं था। इसलिए एफआईआर में आईपीसी की धारा 304 और 308 जोड़ दी है।
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इन बच्चों की हुई मौत
1. भजनपुरा के चंदू नगर निवासी मसी आलम की पत्नी सितारा ने दिलशाद गार्डन के एक अस्पताल में बुधवार को बेटे को जन्म दिया था। जन्म के बाद से ही बच्चे को छाती और खून में संक्रमण था। वहां से बच्चे को बेबी केयर न्यू बोर्न अस्पताल में रेफर किया गया था। महंगा होने के बावजूद मजदूरी करने वाले मसी आलम बेटे का यहां इलाज करवा रहे थे। इनकी तीन साल की एक बेटी है।

2. विवेक विहार के ज्वाला नगर निवासी विनोद और ज्योति के यहां शनिवार तड़के बेटे ने जन्म लिया था। जन्म के बाद से उसे सांस लेने में तकलीफ थी। परिवार ने उसे बेबी केयर न्यू बोर्न अस्पताल में भर्ती कराया था। विनोद का छह साल का बेटा है। इनका ऑनलाइन सामान बेचने का कारोबार है। परिवार को आग लगने की जानकारी सुबह टीवी से मिली।

3. बुलंदशहर निवासी रितिक और निकिता के यहां 17 मई को बुलंदशहर के अस्पताल में बेटे ने जन्म लिया था। उसे सांस लेने में दिक्कत थी। इस वजह से अपने जानकार डॉक्टर के कहने पर उसे बेबी केयर न्यू बोर्न अस्पताल में भर्ती कराया था। रितिक को भी अस्पताल में आग लगने की सूचना टीवी से ही मिली।

4. मूलरूप से बागपत के रहने वाले पवन और इनकी पत्नी भारती के यहां 18 मई को बेटी ने जन्म लिया था। उसके पेट में संक्रमण था। उसे बेबी केयर न्यू बोर्न अस्पताल में रेफर किया गया था। पवन यूपी पुलिस में सिपाही हैं। उनको आग लगने की सूचना रिश्तेदार ने दी। दो साल पहले ही पवन व भारती की शादी हुई थी।

5. साहिबाबाद (गाजियाबाद) निवासी राजकुमार और उमा की 17 दिन की बेटी थी। उसे लगातार बुखार और संक्रमण था। दो दिन पहले ही उसे एडमिट किया था। राजकुमार माली है। बेटी की मौत के बाद से परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है।

6. कृष्णा नगर के कांति नगर निवासी अंजार और नूरजहां के यहां 15 मई को बेटी ने जन्म लिया था। जन्म के समय उसके पेट में गंदा पानी चला गया था। इसकी वजह से बेटी को संक्रमण हो गया था। हादसे में अंजार की बेटी की भी मौत हो गई।

7. गाजियाबाद के गांव जावली निवासी नवीन और कुसुम के यहां शालीमार गार्डन के एक निजी अस्पताल में बृहस्पतिवार को बेटे ने जन्म लिया था। सांस लेने में दिक्कत के बाद उसे बेबी केयर न्यू बोर्न अस्पताल में भर्ती कराया गया था। आग लगने से पहले ही शनिवार 10.30 बजे नवजात की बीमारी से मौत हो गई। परिजन रात होने की वजह से शव लेकर नहीं गए। इस बीच रात में हादसा हुआ तो नवीन के बेटे का शव भी झुलस गया। उसकी मौत हादसे में नहीं हुई है।
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