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Delhi Assembly: आज विधानसभा में घमासान के आसार, सीएम रखेंगी कैग रिपोर्ट; समयबद्ध सेवा वितरण विधेयक भी होगा पेश

Mon, 10 Aug 2026 03:17 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली

सार

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता रिपोर्ट पेश करेंगी। रिपोर्ट को लेकर सरकारी खर्च और वित्तीय प्रबंधन के मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच घमासान के आसार हैं।
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Delhi Assembly Session, file - फोटो : Delhi Assembly
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विस्तार
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दिल्ली विधानसभा के मानसून सत्र में सोमवार को वित्त वर्ष 2024-25 के राज्य वित्त से संबंधित नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) की रिपोर्ट सदन के पटल पर रखी जाएगी। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता रिपोर्ट पेश करेंगी। रिपोर्ट को लेकर सरकारी खर्च और वित्तीय प्रबंधन के मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच घमासान के आसार हैं।

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विधानसभा की कार्यसूची के अनुसार सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री पंकज कुमार सिंह दिल्ली (नागरिकों को समयबद्ध एवं सुगम सेवाओं की डिलीवरी का अधिकार) विधेयक, 2026 पेश करेंगे। इसका उद्देश्य नागरिकों को सरकारी सेवाएं तय समयसीमा में उपलब्ध कराने और सेवा वितरण में जवाबदेही सुनिश्चित करने की व्यवस्था को संस्थागत रूप देना है।

पर्यटन मंत्री कपिल मिश्रा दिल्ली बेड एंड ब्रेकफास्ट प्रतिष्ठान (निरसन) विधेयक, 2026 को विचार और पारित करने के लिए सदन में रखेंगे। यह विधेयक सात अगस्त को पेश किया गया था। वहीं, बिजनेस एडवाइजरी कमेटी की पांचवीं रिपोर्ट को अपनाया जाएगा। विधायक शिखा राय के दिल्ली लक्ष्मी योजना संबंधी बधाई प्रस्ताव पर चर्चा जारी रहेगी। मार्च 2023 में समाप्त वित्त वर्ष से संबंधित पूर्व में पेश कैग रिपोर्ट पर भी चर्चा की संभावना है। विधायक नियम-280 के तहत जनहित के मुद्दे उठा सकेंगे।
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केजरीवाल सरकार पर वित्तीय अनियमितताओं के लगाए आरोप
दिल्ली सरकार के मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने कैग रिपोर्ट का हवाला देते हुए पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की सरकार पर वित्तीय अनियमितताओं और सरकारी धन के दुरुपयोग के गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि सात अगस्त को पेश कैग रिपोर्ट में करीब 3500 करोड़ रुपये की अनियमितताएं सामने आई हैं। अबकेजरीवाल सरकार के कार्यकाल में हुए भ्रष्टाचार का एक-एक कर हिसाब देना होगा।

भाजपा के प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता में प्रवेश साहिब सिंह ने आरोप लगाया कि नियमों की अनदेखी कर 1185 मैन्युअल टेंडर किए गए, इनमें 14,527 बोलियां लगीं, जबकि 97 प्रतिशत ठेकों से संबंधित कॉन्ट्रैक्ट अवाॅर्ड की फाइलें उपलब्ध नहीं मिलीं। उन्होंने दावा किया कि केवल तीन प्रतिशत टेंडरों की ही संबंधित फाइलें मिलीं और टेंडरों में आर्बिट्रेशन क्लॉज का भी इस्तेमाल किया गया।

उन्होंने कहा कि कैग रिपोर्ट के अनुसार 31 मार्च 2023 तक दिल्ली में 68,680 करोड़ रुपये के बोगस ई-वे बिल सामने आए। वहीं 8,334 ऐसे कारोबारी पाए गए, जिनका जीएसटी पंजीकरण रद्द हो चुका था, लेकिन वे ई-वे बिल बनाते रहे। इसके अलावा 4,076 नॉन-फाइलर्स द्वारा 11,635 करोड़ रुपये के ई-वे बिल जनरेट किए जाने का दावा किया गया।

प्रवेश साहिब सिंह ने आरोप लगाया कि 6.10 करोड़ ई-वे बिलों में से केवल 0.10 प्रतिशत की जांच की गई। उनके अनुसार 70 मामलों की जांच में 344 गैर-अनुपालन के मामले मिले, जिनका राजस्व प्रभाव 3,071.92 करोड़ रुपये था। उन्होंने बिजली सब्सिडी योजना में भी अनियमितताओं का आरोप लगाया। उनके मुताबिक करीब 50 हजार ऐसे उपभोक्ताओं को भी 17.81 करोड़ रुपये की सब्सिडी दी गई, जिनके 12 महीने तक शून्य बिल रहे। प्रेसवार्ता में प्रदेश प्रवक्ता यासिर जिलानी और मीडिया प्रमुख प्रवीण शंकर कपूर भी मौजूद थे।

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